कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को लश्कर से जुड़े आतंकी संगठन ULC की धमकी; 6 अधिकारियों के नाम-नंबर सार्वजनिक कर दी गई वॉर्निंग
कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को लश्कर से जुड़े आतंकी संगठन ULC की धमकी; 6 अधिकारियों के नाम-नंबर सार्वजनिक कर दी गई वॉर्निंग
श्रीनगर:
कश्मीर घाटी में सरकारी नौकरी कर रहे कश्मीरी पंडितों को एक बार फिर आतंकवादियों द्वारा निशाना बनाने की कोशिश की गई है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े शैडो ग्रुप 'यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल' (ULC) ने एक धमकी भरा खत जारी किया है। इस खत के सामने आते ही घाटी में सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं।
खत में क्या है? मुख्य बातें:
निजी जानकारियां सार्वजनिक: 7 अगस्त 2026 की तारीख वाले इस आतंकी पत्र में 6 सरकारी कर्मचारियों के नाम और उनके मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए हैं।
टारगेटेड हमलों की साजिश: खुफिया सूत्रों के अनुसार, कर्मचारियों के ठिकाने, फोन नंबर और पारिवारिक ब्योरा उजागर करने का मकसद उन्हें पहचान देकर टारगेटेड हमलों का शिकार बनाना है
।🚨 SERIOUS SECURITY CONCERN FOR #KASHMIRIPANDITS
— Saba kaul.🇮🇳 (@sabakaul1) August 9, 2026
A letter dated *7 August 2026, purportedly issued in the name of *“United Liberation Council (ULC)”**, contains explicit threats against Kashmiri Pandit employees and their families.
The letter reportedly claims to have… pic.twitter.com/JJIF3gsgAY
जम्मू या राज्य से बाहर भी धमकी: आतंकियों ने चेतावनी दी है कि यदि कश्मीरी पंडित घाटी छोड़कर जम्मू या अन्य जगहों पर भी शिफ्ट होते हैं, तो वे सुरक्षित नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर उनका वहां भी पीछा किया जाएगा।
'वर्क फ्रॉम होम' की चेतावनी: पत्र में साफ कहा गया है कि अब कर्मचारी 'वर्क फ्रॉम होम' का बहाना बनाकर घाटी से दूर नहीं रह सकते।
राजस्व विभाग पर नजर: ULC ने कहा है कि वह घाटी के विभिन्न सरकारी विभागों, विशेषकर राजस्व विभाग पर पैनी नजर रखे हुए है, जहां पीएम पैकेज के तहत कश्मीरी पंडित कार्यरत हैं।
संपत्ति कुर्की पर धमकी: आतंकी संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि आतंकियों या उनके समर्थकों की संपत्तियां कुर्क (सीज) की गईं, तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
हाल के दिनों में घाटी में हुई कुछ छिटपुट घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी को बिल्कुल हल्के में नहीं ले रही हैं। पत्र सामने आने के बाद कश्मीरी पंडितों के ट्रांजिट कैंपों और संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी भरे पत्र की सत्यता और इसके स्रोत की गहराई से जांच कर रही हैं, जिससे कर्मचारियों के मन में उपजे डर के माहौल को दूर किया जा सके।

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