सुक्खू का गवर्नेंस मॉडल केवल 'तालाबंदी' पर आधारित : जयराम ठाकुर

 सुक्खू का गवर्नेंस मॉडल केवल 'तालाबंदी' पर आधारित : जयराम ठाकुर


शिमला : गायत्री गर्ग /

शिमला ग्रामीण में आयोजित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम में बोले पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष, कुछ भी असंभव नहीं, 2027 में कमल खिलाने के लिए एकजुट होकर करें शिमला ग्रामीण में कार्यकर्ता काम  

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला ग्रामीण के भाजपा समर्थित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के स्नेह मिलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटने और क्षेत्र के विकास को गति देने का आह्वान किया है। शिमला ग्रामीण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष ने सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी और संगठन को मजबूत करने, क्षेत्र के सर्वांगीण विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद किया। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते हुए जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है और कोई भी क्षेत्र या नेता अपराजेय नहीं होता, इसलिए शिमला ग्रामीण में कमल खिलाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और एकजुटता के साथ मैदान में उतरना होगा।


 उन्होंने अपने गृह क्षेत्र का उदाहरण देते हुए याद दिलाया कि डॉ. परमार के बाद प्रदेश के कद्दावर नेता और लगातार वित्त मंत्री रहे ठाकुर कर्म सिंह को भी हराया गया था, क्योंकि भाजपा ने ज़मीन से जुड़कर जनता का विश्वास हासिल किया था। ठीक इसी प्रकार पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में छह बार से काबिज कांग्रेस के भ्रम को सुरेश कश्यप ने ब्लॉक समिति सदस्य से विधायक और सांसद बनकर तोड़ा था। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के परिणामों से शिमला ग्रामीण की जनता ने स्पष्ट जनादेश दे दिया है और आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में ‘डबल इंजन’ की ताक़त से विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।  


वर्तमान प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का गवर्नेंस मॉडल केवल 'तालाबंदी' पर आधारित है और उन्होंने सत्ता में आते ही राजनीतिक प्रतिशोध के तहत पूर्व भाजपा सरकार द्वारा जनता की मांग पर खोले गए लगभग दो हजार विकास संस्थानों को बंद कर दिया, जिसे 'व्यवस्था परिवर्तन' का नाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सरकार को आराम करने के लिए नहीं बल्कि विकास कार्यों के लिए चुनती है, लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री सरकार और संगठन में गुटबाज़ी चलाने में ही व्यस्त हैं। उन्होंने तंज कसा कि सुक्खू सरकार ने शिमला ग्रामीण के स्थानीय विधायक को भी ऐसा मंत्री बनाकर रख दिया है जिन्हें स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर मुख्य अतिथि तक नहीं बनाया गया, जबकि अपने गुट के विधायकों को झंडा फहराने की जिम्मेदारी दी गई।


 जयराम ठाकुर ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि उन्हें मिली शक्तियों और अधिकारों का प्रयोग करते हुए सरकार के रुख की परवाह किए बिना जनता के काम में डट जाना चाहिए, क्योंकि 2027 में भाजपा सरकार बनते ही प्रदेश में विकास कार्यों की गति को दुगना कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायतें ही लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई है जहां जनप्रतिनिधि जमीन से जुड़कर जनता का काम कर सकता है। इस मौके पर शिमला के सांसद सुरेश कश्यप, जिला अध्यक्ष केशव चौहान, शिमला ग्रामीण से प्रत्याशी रवि मेहता समेत अन्य पदाधिकारी, नव निर्वाचित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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