भगवान श्री बृजराज स्वामी मंदिर में राज्य स्तरीय जन्माष्टमी मेले की तैयारियां पूरी
भगवान श्री बृजराज स्वामी मंदिर में राज्य स्तरीय जन्माष्टमी मेले की तैयारियां पूरी
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर के ऐतिहासिक भगवान श्री बृजराज स्वामी मंदिर में इस बार राज्य स्तरीय जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर प्रबंधक कमेटी ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर को आकर्षक लाइट्स से सजाया गया है, जिसके चलते रात के समय रंग-बिरंगी रोशनियों से मंदिर का दृश्य बेहद मनमोहक नजर आ रहा है।
मंदिर प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए कमेटी के सदस्य पिछले करीब 15 दिनों से तैयारियों में जुटे हुए हैं। चार सितंबर को जन्माष्टमी के दिन सुबह चार बजे प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे और श्रद्धालु दिनभर भगवान श्री बृजराज स्वामी के दर्शन कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला रात 10 बजे तक जारी रहेगा। रात 10 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्म के अवसर पर मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाएंगे और आरती का आयोजन होगा। इसके बाद श्रद्धालु पुनः भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष एवं प्रशासनिक अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय जन्माष्टमी पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं एवं आम जनता से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
वहीं, मंदिर कमेटी के वरिष्ठ कार्यकर्ता देवेंद्र शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय जन्माष्टमी पर्व को इस बार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर कमेटी के सदस्य विशेष निगरानी रखेंगे तथा स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी सदस्य पूरी तरह सजग रहेंगे। भगवान के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कमेटी के सदस्य दोनों दिन विधिवत अपनी ड्यूटी निभाएंगे।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मंदिर में दर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और प्रशासन एवं मंदिर कमेटी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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