चिट्टे के खिलाफ सरकार की सख्ती, नशा तस्करों की संपत्तियों पर हो रही कार्रवाई : मलेंद्र राजन
चिट्टे के खिलाफ सरकार की सख्ती, नशा तस्करों की संपत्तियों पर हो रही कार्रवाई : मलेंद्र राजन
नूरपुर : विनय महाजन /
इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते चिट्टे के नशे और नशा तस्करी के खिलाफ सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि चिट्टा सबसे घातक नशा है और युवा पीढ़ी को इसके दुष्प्रभाव से बचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इंदौरा विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से नशे की चुनौती से प्रभावित रहा है।
मलेंद्र राजन ने कहा कि विधायक बनने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर क्षेत्र में चिट्टे और अन्य अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद चिट्टे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है ।
उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को भी कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है। बड़े-बड़े मकानों और अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई कर नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने पुलिस और प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इंदौरा क्षेत्र में पहले आए दिन नशे के कारण युवाओं की मौत की घटनाएं सामने आती थीं, लेकिन अब लगातार हो रही कार्रवाई से स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है।
विधायक ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना भी जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए शुरू किए गए वॉकाथॉन जैसे अभियानों को महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकार, पुलिस-प्रशासन, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और समाज के सभी वर्गों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही युवाओं को नशे से दूर रखते हुए हिमाचल प्रदेश को आने वाले समय में चिट्टा मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।

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