कंसा मैदान डंपिंग साइट नहीं होगी शिफ्ट, सरकार के जवाब से ग्रामीणों में रोष
कंसा मैदान डंपिंग साइट नहीं होगी शिफ्ट, सरकार के जवाब से ग्रामीणों में रोष
वर्षों से दुर्गंध, मच्छर-मक्खियों और जहरीली गैस की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
नेरचौक : अजय सूर्या /
नेरचौक। कंसा मैदान स्थित डंपिंग साइट को फिलहाल अन्यत्र स्थानांतरित करने का सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से डंपिंग साइट से फैल रही दुर्गंध, मच्छर-मक्खियों, कीट-पतंगों और जहरीली गैस की समस्या झेल रहे हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
विधानसभा में उठा डंपिंग साइट का मुद्दा
बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी ने विधानसभा में कंसा मैदान स्थित डंपिंग साइट का मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा था कि क्या नगर परिषद नेरचौक की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) साइट को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। सरकार की ओर से दिए गए जवाब में फिलहाल साइट को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई है।
घरों तक पहुंच रही गंदगी और दुर्गंध
ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग साइट से निकलने वाली दुर्गंध आसपास के क्षेत्रों तक फैल रही है। इसके अलावा मच्छर, मक्खियां, कीट-पतंगे, कौए और अन्य पक्षियों की संख्या भी बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार डंपिंग साइट से निकलने वाली गंदगी और कीट-पतंगे घरों तक पहुंच रहे हैं, जिससे संक्रमण और विभिन्न बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर उपायुक्त मंडी, एसडीएम बल्ह तथा नगर परिषद के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों ने डंपिंग साइट के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने की मांग भी उठाई, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि डंपिंग साइट की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया और इसे स्थानांतरित करने अथवा उचित प्रबंधन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“कंसा मैदान डंपिंग साइट यहां से हटाओ,
हमारा स्वास्थ्य—हमारा अधिकार।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन!”

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