पौंग विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर एलीट ग्रुप ने उठाई आवाज, राजस्थान सरकार से योजना के अनुरूप कार्रवाई की मांग
पौंग विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर एलीट ग्रुप ने उठाई आवाज, राजस्थान सरकार से योजना के अनुरूप कार्रवाई की मांग
नगरोटा सूरियां : प्रेम स्वरूप शर्मा /
नगरोटा सूरियां। एलीट ग्रुप ऑफ हिमाचल प्रदेश, नगरोटा सूरियां की बैठक रविवार को रेस्ट हाउस में ग्रुप अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास सहित क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। सदस्यों ने पौंग विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर राजस्थान सरकार की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए पुनर्वास योजना को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लागू करने की मांग उठाई।
ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के लिए गंगानगर क्षेत्र में भूमि निर्धारित की गई थी। उनका कहना है कि निर्धारित भूमि के एक हिस्से में ही विस्थापित परिवारों को बसाया जा सका, जबकि शेष भूमि को लेकर विवाद और कब्जे की स्थिति बनी हुई है। सदस्यों ने मांग की कि पात्र विस्थापितों के पुनर्वास के लिए निर्धारित भूमि का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
मुल्क राज वशिष्ठ, फौजा धीमान और राम पाल धीमान ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय और निर्देशों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने पौंग विस्थापितों के पुनर्वास को निर्धारित योजना के अनुरूप सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने राजस्थान सरकार से मांग की कि पात्र विस्थापितों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए तथा गंगानगर क्षेत्र में उपलब्ध भूमि के संबंध में उचित कार्रवाई की जाए।
एलीट ग्रुप के अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि पौंग बांध विस्थापितों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि गंगानगर क्षेत्र में निर्धारित भूमि की स्थिति स्पष्ट कर पात्र विस्थापित परिवारों को योजना के अनुरूप पुनर्वास का लाभ दिया जाए। उन्होंने जैसलमेर के दूरदराज क्षेत्रों में आवंटन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा करने की मांग की।
बैठक में नगरोटा सूरियां के विकास से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। सदस्यों ने रेस्ट हाउस के नीचे पौंग झील के किनारे स्थित कम ऊंचाई वाली पहाड़ी के संरक्षण की मांग करते हुए कहा कि कटाव को रोकने के लिए बीबीएमबी की ओर से करीब 1000 मीटर लंबा डंगा लगाया जाना चाहिए।
इसके अलावा ग्रुप ने नगरोटा सूरियां में विकास खंड कार्यालय को पुनः स्थापित करने तथा स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग भी रखी। बैठक में महिलाओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई तथा आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता जताई गई।
बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय विषयों पर भी सदस्यों ने अपने विचार रखे। उन्होंने मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने और संघर्ष समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जाने की आवश्यकता जताई। वहीं, जेन-जी और जेन-अल्फा युवाओं की ओर से शिक्षा की गुणवत्ता और परीक्षा व्यवस्था जैसे विषयों को लेकर उठाई जा रही आवाज पर भी चर्चा की गई।
बैठक में मुल्क राज वशिष्ठ, फौजा नंदपुर, राम पाल धीमान और करतार सिंह ने अपने विचार रखे। पूर्व कोषाधिकारी प्रवीण मेहरा, सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. एचएल धीमान, सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक गोरख सिंह, मदन कबीर तथा गैलेक्सी पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. गुलशन कुमार ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में अपने विचार साझा किए।

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