ग्राम सभा में लोगों की भागीदारी कम होने से पंचायतों में मनमानी का आरोप
ग्राम सभा में लोगों की भागीदारी कम होने से पंचायतों में मनमानी का आरोप
जसूर : राकेश शर्मा /
पंचायतों के विभिन्न कार्यों में आम जनता और ग्रामीणों की सहभागिता कम होने के कारण पंचायत स्तर पर मनमाने ढंग से कार्य किए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। पंचायती राज व्यवस्था में आम इजलास के माध्यम से जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रावधान है, लेकिन लोगों की कम भागीदारी के चलते कई स्थानों पर ग्राम सभा की भूमिका कमजोर होती जा रही है।
इस अहम मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ ने नूरपुर प्रशासन के समक्ष उठाया। संघ के निदेशक राजेश सिंह पठानिया के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने एसडीएम नूरपुर और खंड विकास अधिकारी से मुलाकात कर पंचायतों के कामकाज में जनता की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने को लेकर संवाद किया।
संघ की ओर से सरकार को एक ज्ञापन भी भेजा गया, जिसमें पंचायतों के कार्यों में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर कई सुझाव दिए गए हैं। संस्था का कहना है कि यदि ग्रामीण ग्राम सभा में सक्रिय रूप से भाग लें और पंचायत के कार्यों की जानकारी रखें तो पंचायत स्तर पर होने वाली अनियमितताओं को रोकने में जनता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
एसडीएम नूरपुर अरुण शर्मा ने कहा कि संस्था की ओर से दिए गए सुझावों को खंड विकास अधिकारी के साथ साझा किया गया है। उन्होंने आम इजलास की सूचना समय पर पंचायत के सभी लोगों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश देने की बात कही।

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