राजकीय महाविद्यालय चंबा के बहुचर्चित मामले में नया मोड़, जांच के बाद प्राध्यापक कुछ दिनों तक नहीं देंगे सेवाएं
राजकीय महाविद्यालय चंबा के बहुचर्चित मामले में नया मोड़, जांच के बाद प्राध्यापक कुछ दिनों तक नहीं देंगे सेवाएं
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
राजकीय महाविद्यालय चंबा के बहुचर्चित मामले में जांच के बाद नया मोड़ सामने आया है।
मामले की जांच के लिए गठित कमेटी के साथ कॉलेज एडवाइजरी कमेटी और कॉलेज डिसिप्लिन कमेटी ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटाई। इस दौरान दोनों पक्षों की बात को विस्तार से सुना गया और मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों पर चर्चा की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमेटियों की बैठक में दोनों पक्षों की सुनवाई और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद संबंधित प्राध्यापक को कुछ दिनों तक अपनी सेवाएं नहीं देने का निर्णय लिया गया है। वहीं, मामले में टूटे मोबाइल फोन को लेकर प्राध्यापक की ओर से मौके पर ही 22 हजार रुपये की राशि भर दी गई।
बताया गया कि प्राध्यापक ने कमेटी के समक्ष यह भी कहा कि यदि मोबाइल फोन की मरम्मत करवाने के दौरान 22 हजार रुपये से अधिक खर्च आता है, तो जरूरत पड़ने पर वह अतिरिक्त राशि भी वहन करेंगे। इस तरह मोबाइल फोन को हुए नुकसान की भरपाई की दिशा में भी कदम उठाया गया है ।
कमेटी की बैठक के दौरान घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और दोनों पक्षों के बयानों को गंभीरता से सुना गया। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और दोनों पक्षों की बात के आधार पर आगामी कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया गया।
राजकीय महाविद्यालय चंबा के प्राचार्य राकेश राठौर ने दोनों पक्षों की सुनवाई और कमेटियों की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में तथ्यों को जुटाने के साथ-साथ दोनों पक्षों की बात सुनी गई और उसी के आधार पर निर्णय लिया गया है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से कमेटियों की बैठक के बाद उठाए गए इस कदम से मामले में नया मोड़ आया है। अब संबंधित प्राध्यापक के कुछ दिनों तक सेवाओं से दूर रहने और आगे की कार्रवाई को लेकर घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।


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