कर्मचारियों को अधिकार नहीं, सिर्फ आश्वासन और तारीखें मिलीं: विपिन सिंह परमार

 कर्मचारियों को अधिकार नहीं, सिर्फ आश्वासन और तारीखें मिलीं: विपिन सिंह परमार


कर्मचारियों के अनुभव का सम्मान और हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा, कांग्रेस ने कर्मचारियों को अधिकार नहीं सिर्फ आश्वासन और तारीखें दीं: विपिन सिंह परमार

पालमपुर

भाजपा कार्यालय पालमपुर में आयोजित पूर्व कर्मचारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तथा सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि पूर्व कर्मचारी केवल सेवानिवृत्त कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि वे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास और सामाजिक सरोकारों का दशकों का अनुभव अपने साथ लेकर चलने वाली ऐसी अमूल्य पूंजी हैं, जो आज भी हिमाचल के भविष्य को दिशा देने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि भाजपा पूर्व कर्मचारियों के अनुभव, सुझाव और आशीर्वाद को सम्मान देते हुए प्रदेश को विकास के उस पायदान तक ले जाने का प्रयास करेगी, जिसका हिमाचल प्रदेश हकदार है।

परमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा कर्मचारियों को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी माना है। कर्मचारी सरकार और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। इसलिए कर्मचारी वर्ग का सम्मान, उनकी समस्याओं का समाधान और उनके भविष्य की चिंता भाजपा की प्राथमिकताओं में रही है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन महज एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन हजारों पूर्व कर्मचारियों के योगदान और अनुभव को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष हिमाचल प्रदेश की सेवा में समर्पित किए।


उन्होंने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने कर्मचारियों और समाज के हर वर्ग से बड़े वायदे किए थे। चुनावी मंचों से घोषणाओं की लंबी सूची सुनाई गई, उम्मीदें जगाई गईं और कर्मचारियों को बेहतर भविष्य का भरोसा दिलाया गया, लेकिन सत्ता में आने के बाद धरातल पर तस्वीर इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है। आज कर्मचारी हो, पूर्व कर्मचारी हो, युवा हो, किसान हो, बागवान हो या आम परिवार—प्रदेश का कोई भी वर्ग कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है।


परमार ने कहा कि कांग्रेस का कर्मचारियों के प्रति प्रेम चुनावी मंचों और घोषणाओं तक सीमित होकर रह गया है। कर्मचारी अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर लगातार सरकार की ओर देख रहे हैं, लेकिन उन्हें समाधान के बजाय आश्वासन और इंतजार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी अपने हक के लंबित महंगाई भत्ते की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी उन्हें वह राहत नहीं मिली जिसकी वे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे। सरकार ने एरियर की बात तो की, लेकिन कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते के मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।


उन्होंने कहा कि चार वर्षों में कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को उनका अधिकार देने के बजाय केवल आश्वासन, इंतजार और तारीखें दी हैं। जिन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से प्रदेश की सेवा की, उनके साथ न्याय होना चाहिए था, लेकिन सरकार की नीतियों और निर्णयों ने कर्मचारी वर्ग को निराश किया है। परमार ने कहा कि कर्मचारी अब इस पूरे मामले को समझ चुका है और आने वाले समय में कांग्रेस सरकार से अपने अधिकारों और किए गए वादों का पूरा हिसाब जरूर मांगेगा।


भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा सरकारों ने हमेशा कर्मचारियों के सम्मान और उनकी गरिमा को प्राथमिकता दी है। भाजपा का स्पष्ट मानना है कि जिसने अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष प्रदेश और समाज की सेवा में लगाए हैं, उसकी सेवानिवृत्ति के बाद भी उसका अनुभव प्रदेश के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। पूर्व कर्मचारियों को व्यवस्था से अलग नहीं किया जा सकता। वे आज भी समाज और प्रदेश को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


परमार ने पूर्व कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा, “आप हमारे लिए पूर्व कर्मचारी नहीं हैं। आप हमारे लिए अनुभव की वह पूंजी हैं, जो भविष्य का मार्गदर्शन कर सकती है। आपकी समस्याओं के समाधान के साथ-साथ हम अपने प्रदेश को भी उस पायदान पर ले जाने की चेष्टा करेंगे, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश हकदार है। भविष्य में भी आप हमारे मार्गदर्शक बनकर हमें अपना आशीर्वाद दें, यही हमारी अपेक्षा है।


उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ संगठनात्मक जिला स्तर पर पूर्व कर्मचारियों का सम्मेलन आयोजित किया गया है, ताकि उनके सुझाव सुने जा सकें और उनके अनुभवों को संगठन तथा जनसेवा के व्यापक कार्यों से जोड़ा जा सके। राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की आवाज बनने और प्रदेश के भविष्य को बेहतर बनाने का संकल्प है।


उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आने वाले समय में प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझेंगे और उन्हें मजबूती से उठाएंगे। पूर्व कर्मचारी भी अपने अनुभव के आधार पर युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करें तथा प्रदेश के विकास और जनहित के मुद्दों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें।


परमार ने कहा कि हिमाचल की जनता अब केवल भाषण और घोषणाएं नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है। जनता को वादों की राजनीति नहीं, बल्कि काम की राजनीति चाहिए। कांग्रेस सरकार को अपने कार्यकाल में किए गए वादों और धरातल पर हुए काम का हिसाब जनता के सामने रखना होगा। लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक होती है और समय आने पर जनता हर सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करती है।


सम्मेलन में उपस्थित पूर्व कर्मचारियों ने भी अपने विचार रखे तथा विभिन्न समस्याओं और सुझावों से विपिन सिंह परमार को अवगत करवाया। परमार ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा तथा कर्मचारी एवं पूर्व कर्मचारी वर्ग के हितों से जुड़े विषयों को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।


उन्होंने कहा कि भाजपा का संकल्प स्पष्ट है—अनुभव का सम्मान, कर्मचारी का सम्मान और हिमाचल के भविष्य का निर्माण। पूर्व कर्मचारियों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन भाजपा की संगठनात्मक शक्ति को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों के साथ जो वादाखिलाफी की है, उसका जवाब कर्मचारी वर्ग समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से देगा और भाजपा कर्मचारी हितों की आवाज को आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी।

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