स्वतंत्रता दिवस पर सूद सभा पालमपुर का पौधरोपण अभियान, पूर्वजों की स्मृति को किया समर्पित
स्वतंत्रता दिवस पर सूद सभा पालमपुर का पौधरोपण अभियान, पूर्वजों की स्मृति को किया समर्पित
पालमपुर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सूद सभा पालमपुर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प के साथ पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभा की ओर से दो अलग-अलग स्थानों पर पौधे रोपे गए। कार्यक्रम में सभा के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रकृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित वातावरण तैयार करने का संकल्प लिया।
यहां यह उल्लेखनीय है कि सूद सभा पालमपुर द्वारा इस सीजन में यह छठा पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। लगातार पौधरोपण अभियान चलाकर सभा ने यह संदेश दिया है कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है।
यह पौधरोपण अभियान जहां पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को समर्पित रहा, वहीं इसे सूद सभा के उन प्रेरणास्रोत पूर्वजों की पावन स्मृति को भी समर्पित किया गया, जिन्होंने समाज और समुदाय के लिए सेवा, सहयोग एवं मानवीय मूल्यों की मजबूत नींव रखी।
इस अवसर पर चैनाराम बाघला , संतराम बाघला , बिशन दास बाघला तथा स्वर्गीय लाला मस्तराम सूद एवं स्वर्गीय सोना सूद की स्मृति को विशेष रूप से नमन किया गया।
सूद सभा का मानना है कि पूर्वजों की स्मृति केवल शब्दों और तस्वीरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके बताए सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के मार्ग पर चलते हुए ऐसे कार्य किए जाने चाहिए, जिनका लाभ समाज और आने वाली पीढ़ियों को मिले। इसी भावना के साथ पौधरोपण को उनकी स्मृति से जोड़ा गया।
सभा के सदस्यों ने कहा कि एक पौधा लगाना भविष्य के लिए जीवन और आशा का बीज बोना है। पर्यावरण संरक्षण आज केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक दायित्व है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी।
कार्यक्रम में सदस्यों की उल्लेखनीय भागीदारी से सूद सभा का उत्साह और बढ़ा। सभा ने सभी सहयोगियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका सहयोग, समर्थन और आशीर्वाद भविष्य में भी समाजसेवा तथा पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता रहेगा।
सूद सभा पालमपुर ने संकल्प दोहराया कि पर्यावरण संरक्षण, समाजसेवा और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा तथा पूर्वजों की प्रेरणा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा।

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