गोपालपुर के चिड़ियाघर में टाइगर आने की सम्भावना से जगी नई उम्मीद : प्रवीन कुमार पूर्व विधायक
गोपालपुर के चिड़ियाघर में टाइगर आने की सम्भावना से जगी नई उम्मीद : प्रवीन कुमार पूर्व विधायक
पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत गोपालपुर के प्राकृतिक चेतना केन्द्र (चिड़ियाघर) में अव टाइगर के आने की सम्भावना ने क्षेत्रवासियों और पर्यटकों में नई उम्मीद जगा दी है। चिड़ियाघर चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो, टाइगर पर्यटकों, विशेषकर बच्चों और युवाओं के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केन्द्र माना जाता है।
यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने कहा आज से करीब 35 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री शान्ता कुमार ने वर्ष 1990-91 में गोपालपुर चिड़ियाघर की नींव रखी थी। इसके बाद प्रदेश में सात सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन इतने लम्बे अंतराल के बावजूद गोपालपुर के इस चिड़ियाघर में टाइगर लाने की दिशा में कोई अपेक्षित कदम नहीं उठाये गये । हालांकि बतौर विधायक इस मांग को हमने बडी प्रमुखता के साथ विधानसभा में उठाया था ।
पूर्व विधायक ने कहा कि पिछले दिनों गोपालपुर चिड़ियाघर को बनखण्डी स्थानांतरित करने को लेकर जो चर्चाएं और अटकलें सामने आई थीं, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लगता है कि उन पर अब विराम लग गया है। गोपालपुर चिड़ियाघर को यथावत विकसित करने की सम्भावना एक बार फिर मजबूत होती दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा प्राप्त जानकारी के अनुसार बनखण्डी में लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित अर्थात बन रहे चिड़ियाघर में देश-विदेश से लाए जाने वाले वन्य प्राणियों को उनके प्राकृतिक एवं मौसमी वातावरण के अनुकूल बनाने तथा उनके व्यवहार और रहन-सहन को समझने के लिए कुछ समय के लिए यहाँ रखा जाएगा। इस दृष्टि से गोपालपुर के इस प्राकृतिक चेतना केन्द्र को एक सैटेलाइट जू के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा ऐसी स्थिति में टाइगर जैसे महत्वपूर्ण वन्य प्राणी के लिए आवश्यक बाड़े और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास भी स्वाभिक है।
प्रवीन कुमार ने कहा कि यदि बनखण्डी में आने वाले वन्य प्राणियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का लाभ गोपालपुर के प्राकृतिक चेतना केन्द्र को भी मिलता है और यहां भी टाइगर की आपूर्ति पूरी हो जाती है। तो मतलब विगत 35 वर्षा से जिस तरह यह चिड़ियाघर विना टाइगर के आंसू बहाता चला आ रहा है नतीजन इसका भी भाग्य उदय हो जाएगा। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा कांगड़ा को पर्यटन की राजधानी बनाने की घोषणा की झलक यहाँ दिखाई देगी ।

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