गुरु के बिना वास्तविक आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है कलयुग में : स्वामी जगदीशानंद
गुरु के बिना वास्तविक आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है कलयुग में : स्वामी जगदीशानंद
नूरपुर : विनय महाजन /
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के बौड़ नूरपुर आश्रम में आज एक आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरुभाई सुखदेव जी ने भक्तिमय भजनों का गुणगान किया। उनके द्वारा प्रस्तुत भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी जगदीशानंद ने उपस्थित संगत को संबोधित करते हुए भक्ति के सूत्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु के बिना वास्तविक आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है। जिस प्रकार नाव के बिना नदी को पार करना कठिन है, उसी प्रकार पूर्ण गुरु के मार्गदर्शन के बिना भवसागर को पार करना संभव नहीं।स्वामी जी ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। गुरु केवल सांसारिक शिक्षा देने वाला नहीं, बल्कि वह तत्वज्ञान प्रदान करने वाला मार्गदर्शक है जो जीव को उसके वास्तविक स्वरूप से परिचित करवाता है।
उन्होंने सत्संग के माध्यम से यह भी विस्तारपूर्वक बताया कि गुरु किसे कहते हैं और सच्चे गुरु की पहचान क्या है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को बाहरी दिखावे के बजाय आध्यात्मिक ज्ञान के आधार पर गुरु के स्वरूप को समझना चाहिए। गुरु के मार्गदर्शन से ही मनुष्य अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को जानकर परमात्मा की ओर अग्रसर हो सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित संगत ने श्रद्धापूर्वक सत्संग एवं भजनों का श्रवण किया और विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।

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