अमनी स्कूल में आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष मॉक ड्रिल आयोजित
अमनी स्कूल में आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष मॉक ड्रिल आयोजित
ज्वाली : राजेश कतनौरिया /
राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अमनी में आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। प्रधानाचार्य विजय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन अधिकारी राजिंदर सिंह ने विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को भूकंप, आग तथा अन्य आपात स्थितियों के दौरान बचाव एवं सुरक्षा के उपायों का प्रशिक्षण दिया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपदा के समय घबराने के बजाय सूझबूझ, सतर्कता और अनुशासन के साथ सुरक्षित रहने के लिए तैयार करना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों को ड्रॉप-कवर-होल्ड तकनीक का अभ्यास करवाया गया। इसके बाद भूकंप की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्च एंड रेस्क्यू ड्रिल तथा इवेक्युएशन ड्रिल करवाई गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी मार्ग का इस्तेमाल करते हुए बिना भगदड़ के निर्धारित सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए। साथ ही एक-दूसरे की मदद करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में फर्स्ट एड ड्रिल के माध्यम से घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने की जानकारी दी गई। वहीं, अग्नि सुरक्षा ड्रिल के दौरान आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षित निकासी के बारे में बताया गया। हेड काउंटिंग ड्रिल के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद विद्यार्थियों और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने का अभ्यास करवाया गया, ताकि आपदा की स्थिति में किसी व्यक्ति के पीछे रह जाने का तुरंत पता लगाया जा सके।
आपदा प्रबंधन अधिकारी राजिंदर सिंह ने विद्यार्थियों को आपदा से पहले, आपदा के दौरान और आपदा के बाद किए जाने वाले आवश्यक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए आपदा प्रबंधन संबंधी सुझावों पर भी विद्यार्थियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा स्कूल की आपदा प्रबंधन समितियों की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को अवगत करवाया गया।
मॉक ड्रिल में विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रधानाचार्य विजय कुमार ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल विद्यार्थियों को वास्तविक आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार करती है। नियमित अभ्यास से विद्यार्थियों में जागरूकता, आत्मविश्वास और आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।

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