राष्ट्रगान के अपमान पर झूठ बोल रहे हैं मुख्यमंत्री, सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ेगी : जयराम ठाकुर
राष्ट्रगान के अपमान पर झूठ बोल रहे हैं मुख्यमंत्री, सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ेगी : जयराम ठाकुर
शिमला : गायत्री गर्ग /
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा में राष्ट्रगान के कथित अपमान के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री इस मामले में झूठ बोल रहे हैं और उन्हें अपने आरोपों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
प्रश्नकाल के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि 21 अगस्त को सदन के भीतर राष्ट्रगान के दौरान का वीडियो सार्वजनिक किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में किसी भाजपा विधायक ने राष्ट्रगान का अनादर किया था या नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा के किसी भी विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया है और पार्टी इस मुद्दे को लेकर सदन के अंदर और बाहर अपना विरोध दर्ज करवा रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अपने आरोपों को लेकर सही हैं तो विधानसभा में उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग जारी करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल ने विधानसभा सचिव को पत्र लिखकर संबंधित वीडियो क्लिप उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वीडियो उपलब्ध नहीं करवाया गया तो भाजपा विधायक दल राज्यपाल के समक्ष मामला उठाने के साथ-साथ न्यायालय का रुख करने पर भी विचार करेगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संबंधित वीडियो विधानसभा की संपत्ति है और जनप्रतिनिधियों को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए उसे देखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल इस मामले की सच्चाई सामने लाकर रहेगा।
जयराम ठाकुर ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में झंडा फहराने के दौरान राष्ट्रगीत का अपमान हुआ। साथ ही उन्होंने 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में 'वंदे मातरम्' के कुछ हिस्से को लेकर लिए गए निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि देश किसी राजनीतिक संगठन के फैसले से नहीं, बल्कि संविधान के अनुसार चलता है।
नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही को लेकर भी सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल विधानसभा में यह पहली बार देखने को मिल रहा है कि विपक्ष सदन चलाने की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य सदन से बाहर जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोपहर दो बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बोलने का अवसर दिया, लेकिन इसी दौरान सत्ता पक्ष के विधायक सदन से बाहर चले गए और बाद में मुख्यमंत्री भी बाहर चले गए। जयराम ठाकुर के अनुसार, विपक्ष के सदस्य अपनी सीटों पर बैठे रहे। इसके बाद जब सत्ता पक्ष के सदस्य सदन के बाहर नारेबाजी करने लगे तो भाजपा विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और सदन की कार्यवाही चलाने की मांग की।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के दबाव में सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल ने स्पीकर के समक्ष स्पष्ट कर दिया है कि वीडियो उपलब्ध नहीं करवाए जाने की स्थिति में पार्टी लोकतांत्रिक एवं कानूनी विकल्पों का सहारा लेगी।
इससे पहले शनिवार सुबह भाजपा विधायक दल ने पंचायतीराज संस्थाओं को कमजोर किए जाने के आरोप लगाते हुए विधानसभा परिसर के गेट तक प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर 'पंचायतीराज संस्थाओं का राजनीतिक शोषण बंद करो' के नारे लगाए।

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