पोर्टमोर स्कूल और राजकीय महाविद्यालय धामी के विद्यार्थियों ने देखी विधानसभा की कार्यवाही, स्पीकर पठानिया से जाना संसदीय प्रणाली का महत्व
पोर्टमोर स्कूल और राजकीय महाविद्यालय धामी के विद्यार्थियों ने देखी विधानसभा की कार्यवाही, स्पीकर पठानिया से जाना संसदीय प्रणाली का महत्व
शिमला : गायत्री गर्ग /
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन शनिवार को पोर्टमोर स्कूल शिमला तथा राजकीय महाविद्यालय धामी के छात्र-छात्राओं ने विधानसभा सदन की कार्यवाही देखी और संसदीय प्रणाली को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया।
पूर्वाह्न करीब 10:30 बजे विधानसभा सचिवालय पहुंचे विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही देखने से पहले कौसिल चैम्बर की लॉबी में हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात की। इस दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा की भूमिका, गठन, सदन की कार्यवाही तथा अध्यक्ष के पद के महत्व को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से जानकारी प्राप्त की।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में संसदीय प्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा राज्य का कानून बनाने वाला सदन है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार स्कूल में अलग-अलग कक्षाएं होती हैं, उसी प्रकार राज्य में अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र होते हैं और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से जनता द्वारा एक प्रतिनिधि चुना जाता है, जिसे विधायक कहा जाता है। सभी निर्वाचित विधायक मिलकर विधानसभा का गठन करते हैं।
उन्होंने बताया कि विधानसभा का प्रमुख कार्य राज्य के लोगों के लिए कानून बनाना है। जिस राजनीतिक दल के सबसे अधिक विधायक निर्वाचित होते हैं, वह सरकार बनाता है और सरकार का मुखिया मुख्यमंत्री होता है। विधानसभा में विधायक सरकार से जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछते हैं और सरकार को उनका जवाब देना होता है।
पठानिया ने विद्यार्थियों को बजट की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार हर वर्ष राज्य के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों के लिए प्रस्तावित योजनाओं और खर्च का विवरण सदन के समक्ष रखती है, जिसे बजट कहा जाता है और विधानसभा उसे पारित करती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने पद की भूमिका समझाते हुए कहा कि सदन में स्पीकर कार्यवाही को नियंत्रित करता है। उन्होंने इसे स्कूल की प्रार्थना सभा के संचालन से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को समझाया कि जिस प्रकार स्कूल में प्रिंसिपल सभा की कार्यवाही को व्यवस्थित करते हैं, उसी प्रकार विधानसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही को नियमों के अनुसार संचालित करते हैं।
उन्होंने विपक्ष की भूमिका के बारे में बताते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल सरकार का गठन नहीं कर पाते, वे विपक्ष की भूमिका निभाते हैं। विपक्ष का प्रमुख कार्य सरकार के कामकाज पर नजर रखना और जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना है। विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा एवं बहस होती है और विधायक अपने-अपने विचार रखते हैं। किसी कानून को पारित करने के लिए सदन में मतदान की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
पठानिया ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से जनता अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के जरिए सरकार और शासन की प्रक्रिया में भागीदारी करती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों को सदन के अंदर होने वाली कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया तथा सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यप्रणाली को करीब से समझा और संसदीय लोकतंत्र की प्रक्रिया की जानकारी हासिल की।


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