एचपी शिवा परियोजना के तहत जाच्छ बागवानी अनुसंधान केंद्र का सहयोग लेने पर मंथन : केवल सिंह पठानिया

 एचपी शिवा परियोजना के तहत जाच्छ बागवानी अनुसंधान केंद्र का सहयोग लेने पर मंथन : केवल सिंह पठानिया


नूरपुर : विनय महाजन /

नूरपुर। प्रदेश के उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जाच्छ का दौरा कर किसानों के हित में एचपी शिवा परियोजना के तहत केंद्र की विशेषज्ञता और तकनीकी सहयोग लेने की संभावनाओं पर चर्चा की।


केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर एवं प्रमुख डॉ. विपिन गुलेरिया ने केवल सिंह पठानिया का स्वागत किया और केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों तथा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।


केवल सिंह पठानिया ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना के तहत फाउंडेशन गतिविधियों के लिए करीब चार करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। इसी के तहत क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, जाच्छ की विशेषज्ञता और सहयोग का लाभ क्षेत्र के किसानों तक पहुंचाने की संभावनाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से उन्होंने केंद्र का दौरा किया है।


उन्होंने कहा कि इस अनुसंधान केंद्र से क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों की विशेषज्ञता को किसानों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।


उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में क्षेत्र के खेतों की मिट्टी का हाईटेक लैब में परीक्षण करवाया गया है। परीक्षण के दौरान मिट्टी में रसायनों के चौथी लेयर तक पहुंचने की बात सामने आई है, जिसे उन्होंने चिंता का विषय बताया। उन्होंने अधिकारियों और वैज्ञानिकों से किसानों को मृदा स्वास्थ्य तथा रसायनों के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में गंभीर समस्याओं से बचा जा सके।


इस अवसर पर डॉ. विपिन गुलेरिया ने केंद्र में चल रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां हरड़ और लसूढ़े की उन्नत किस्मों को विकसित किया जा रहा है, जिन्हें किसानों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ये उन्नत किस्में किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही हैं। इसके अलावा केंद्र में आम की विभिन्न किस्मों, जिनमें पूसा किस्म भी शामिल है, पर परीक्षण कार्य किया जा रहा है।


केवल सिंह पठानिया ने केंद्र द्वारा विकसित की जा रही उन्नत किस्मों और किसानों तक पहुंचाई जा रही तकनीकी जानकारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने किसानों को खेतों की मिट्टी की नियमित जांच करवाने के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।


इस पर डॉ. रेणु ने बताया कि भविष्य में किसानों के लिए आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मिट्टी परीक्षण और मृदा स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को भी शामिल किया जाएगा।


वहीं, डॉ. विपिन गुलेरिया ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के कारण केंद्र परिसर में बरसात के पानी की निकासी की समस्या से भी उप मुख्य सचेतक को अवगत करवाया। इस पर केवल सिंह पठानिया ने समस्या के समाधान के लिए एनएच के उच्च अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया।

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