कंसा मैदान की डंपिंग साइट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज, रिहायशी क्षेत्र से हटाने की मांग
कंसा मैदान की डंपिंग साइट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज, रिहायशी क्षेत्र से हटाने की मांग
नेरचौक : अजय सूर्या /
कंसा चौक स्थित नगर परिषद नेरचौक की डंपिंग साइट को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को स्यांह पंचायत के ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों के साथ एसडीएम बल्ह कार्यालय पहुंचे और साइट की भूमि की निशानदेही करवाने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि निशानदेही के बाद ही यह स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि वर्तमान साइट पूरी तरह सरकारी भूमि पर है या इसकी जद में निजी मलकियत भूमि भी शामिल है।
प्रधान अश्वनी और जिला परिषद सदस्य अनिल सैनी की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने एसडीएम स्मृतिका नेगी के समक्ष अपनी शिकायत रखी। ग्रामीणों के अनुसार, आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी में मौके पर शहरी विकास विभाग के नाम करीब अढ़ाई बीघा भूमि होने की बात सामने आई है, जबकि डंपिंग साइट का क्षेत्र करीब आठ से दस बीघा तक बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि साइट के दायरे में मलकियत भूमि भी शामिल हो सकती है।
ग्रामीणों की मांग पर एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि बरसात समाप्त होने के बाद भूमि की निशानदेही का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि डंपिंग साइट से संबंधित ग्रामीणों की मांग को उच्चाधिकारियों के समक्ष भेजा गया है। वहीं, नगर परिषद की ओर से इसे डंपिंग साइट के बजाय प्रोसेसिंग साइट बताया जा रहा है।
एसडीएम कार्यालय के बाद ग्रामीण नगर परिषद नेरचौक कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी के समक्ष कंसा मैदान से साइट को हटाने की मांग रखी। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि कंसा चौक के आसपास बड़ी आबादी रहती है। क्षेत्र में पेयजल स्रोतों के साथ करीब सात स्कूल, आईटीआई, मंदिर, सत्संग घर, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत कार्यालय और कई व्यापारिक प्रतिष्ठान भी मौजूद हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि साइट से निकलने वाली दुर्गंध और संभावित प्रदूषण का आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेना चाहिए। उनका कहना है कि क्षेत्र में एक दिन रहकर ही यहां रहने वाले लोगों की परेशानियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। ग्रामीणों ने मांग की कि कंसा मैदान की साइट को रिहायशी क्षेत्र से दूर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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