देहरा में 46 करोड़ की लागत से बनेगी प्रदेश की पहली ओजोन आधारित पेयजल परियोजना

 देहरा में 46 करोड़ की लागत से बनेगी प्रदेश की पहली ओजोन आधारित पेयजल परियोजना

बड्डल थोर में पशु चिकित्सालय खोलने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा, विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने देने का भरोसा


नगरोटा सूरियां : प्रेम स्वरूप शर्मा /

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को कांगड़ा जिले के देहरा विधानसभा क्षेत्र के बड्डल थोर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्रवासियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने देहरा में हिमाचल प्रदेश की पहली ओजोन आधारित पेयजल उपचार परियोजना स्थापित करने की घोषणा की। इस परियोजना पर करीब 46 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी के कारण अनेक प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रही है। भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की ओजोन आधारित जल उपचार परियोजनाएं स्थापित करने पर विचार किया जाएगा।


क्षेत्र में पशु चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने बड्डल थोर में पशु चिकित्सालय खोलने की भी घोषणा की। इससे आसपास के लोगों को पशुओं के उपचार के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत पात्र लोगों को लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए पंचायत स्तर पर सर्वेक्षण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और प्रदेश के संसाधनों पर उसका भी समान अधिकार सुनिश्चित हो।


उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन के बाद हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इन योजनाओं और नीतियों के सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आएंगे।


मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं और महिला मंडलों को पौधरोपण तथा वनों के संरक्षण से जोड़ने के लिए राजीव गांधी वन संवर्धन योजना शुरू की गई है। योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा लगाए गए पौधों के जीवित रहने के आधार पर प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।


उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में सीबीएसई स्कूल शुरू किए गए हैं तथा भविष्य में और अधिक सीबीएसई विद्यालय खोले जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिल सकें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं पर पर्याप्त धनराशि खर्च की जा रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि विकास कार्यों के लिए भविष्य में भी धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।


इससे पहले बड्डल थोर हेलीपैड पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का गर्मजोशी से स्वागत किया। स्थानीय विधायक कमलेश ठाकुर सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं सम्मान किया।


मुख्यमंत्री ने चनौर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की शांति, समृद्धि एवं सुख-कल्याण के लिए प्रार्थना की।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ज्वाली के हार, नाणा, बालदोआ सड़क 10 से 23 अक्टूबर तक रहेगी बंद, जानें वैकल्पिक रूट

जौंटा व खज्जियां के युवकों से 10.47 ग्राम चिट्टा हुआ बरामद, सीट के फुट मैट के नीचे छिपाया था

​राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भरमाड़ की छात्रा अंशिका धीमान ने जिला स्तरीय 3000 मीटर दौड़ में जीता कांस्य पदक !

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के PSO रहे बलवंत पठानिया का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

क्षेत्र में 6 दिन हुई भूख हड़ताल के समापन पर अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के निदेशक राजेश सिंह पठानिया ने उठाए अनेको सवाल

जिला पुलिस नूरपुर की एक टीम ने अपनी बुद्धिमत्ता से 48 घंटे में चोरी का मामला सुलझाया गया

गुरुकुल में अंडरग्राउंड पानी की टंकी की सफ़ाई के दौरान चार बच्चों की मौत

मिनी सचिवालय फतेहपुर में खुली कैंटीन, बाजार से कम दाम पर मिलेगा ब्रेकफास्ट और लंच

चौधरी चंद्र कुमार द्वारा तबादलों का मुद्दा कैबिनेट में उठाना जायज, लेकिन बूथ और मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी भी बंद हो: साधू राम राणा

ढही चार मंजिला इमारत, मलबे में दबी गर्भवती महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम