एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी की पहल से कपूरथला में मिला परिवार, पांच साल बाद अपनों से हुआ भावनात्मक संवाद
वर्षों बाद परिवार से मिली ममता, वीडियो कॉल पर छलकी खुशी
एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी की पहल से कपूरथला में मिला परिवार, पांच साल बाद अपनों से हुआ भावनात्मक संवाद
अजय सूर्या नेरचौक, 31 अगस्त। वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ी करीब 32 वर्षीय ममता उर्फ मंजू आखिरकार अपने परिजनों से दोबारा जुड़ गई। वर्ष 2021 में जिला ऊना में रेस्क्यू की गई ममता को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद स्वधार गृह (महिला), चलाखा, लुनापानी, मंडी में संस्थागत देखभाल और काउंसलिंग प्रदान की गई।
ममता ने अपने पिता का नाम गुरनैल सिंह, माता का नाम परमजीत कौर बताया था। उन्होंने स्वयं को अविवाहित बताते हुए परिवार में तीन भाई और एक बहन होने की जानकारी दी थी। उनकी भाषा पंजाबी थी और उन्होंने अपना पता जम्मू पैलेस, नवा पिंड, कुष्ठ आश्रम, जिला कपूरथला, पंजाब बताया था। संचार एवं स्मरण शक्ति से जुड़ी कठिनाइयों के कारण उनके परिवार तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना रहा।
हालांकि, लगातार प्रयासों और विभिन्न अधिकारियों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आखिरकार कपूरथला में उनके परिवार का पता लगाने में सफलता मिली। डॉ. रूमा देवी और डॉ. परमिंदर सिंह ने परिवार की तलाश तथा संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस पूरी प्रक्रिया में एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी, सीडीपीओ जितेंद्र सैनी, सबिता चंदा (इंडिया केयर्स), डॉ. रूमा देवी, डॉ. परमिंदर सिंह सहित पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वर्षों बाद एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने वीडियो कॉल के माध्यम से ममता की उसके परिवार से बातचीत करवाई। अपनों से बात करते समय ममता के चेहरे पर खुशी और भावनाएं साफ झलक रही थीं। परिवार से दोबारा जुड़ने का यह क्षण उपस्थित सभी लोगों के लिए भावुक और संतोषजनक रहा।
यह पहल महज एक बिछड़े परिवार को मिलाने की कहानी नहीं, बल्कि संवेदनशील प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और लगातार किए गए प्रयासों की ऐसी मिसाल है, जिसने वर्षों पुरानी उम्मीद को हकीकत में बदल दिया।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें