नशे की रोकथाम में परिवार और समाज की भूमिका अहम: उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल

 नशे की रोकथाम में परिवार और समाज की भूमिका अहम: उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल


नशे से पीड़ित युवाओं का वीडियो बनाने के बजाय अपनाएं सकारात्मक दृष्टिकोण

मास्टर प्रशिक्षकों एवं नशा मुक्ति मित्रों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

चम्बा,




जिला मुख्यालय चम्बा में आज “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग, हिमाचल प्रदेश तथा जिला प्रशासन चम्बा के संयुक्त तत्वावधान में मास्टर प्रशिक्षकों एवं नशा मुक्ति मित्रों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
कार्यशाला के दौरान गुंजन ऑर्गनाइजेशन फॉर कम्युनिटी डेवलपमेंट, धर्मशाला के प्रशिक्षक पंकज पंडित एवं विजय सिंह ने समाज में बढ़ती नशे की समस्या, इसके दुष्प्रभावों तथा रोकथाम के उपायों पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में जिला चम्बा की नशे के अधिक उपयोग वाली चिन्हित 13 रेड मार्क स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत सचिवों के साथ तहसील कल्याण अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शारीरिक शिक्षक, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

नशे की मांग कम करने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका

उपायुक्त ने कहा कि नशे की समस्या समाज में एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने आ रही है, जिससे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अनेक परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी नशा मुक्ति मित्रों तथा नागरिकों से नशे के विरुद्ध अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या के दो प्रमुख पहलू मांग और सप्लाई हैं। उन्होंने कहा कि नशे की सप्लाई पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस तथा अन्य संबंधित एजेंसियां लगातार कार्य कर रही हैं, वहीं नशे की मांग को कम करने में समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि हम नशे की मांग को कम करने में सफल होते हैं तो इससे सप्लाई पर भी प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए शुरुआती स्तर पर ही सावधानी बरतना आवश्यक है। अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ खुलकर संवाद करना चाहिए और यदि किसी बच्चे में नशे की प्रवृत्ति दिखाई देती है तो उसकी काउंसलिंग करवाने, उसे समझाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में समय रहते कदम उठाने चाहिए। इससे युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में फंसने से बचाया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नशे की लत एक स्वास्थ्य संबंधी समस्या है और इसका उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार एवं सहयोग से किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है तथा समाज में नशे की मांग को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी से नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

नशे से जुड़े मामलों में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान

उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की बिक्री करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या को केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या न समझकर इसे पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में लेना होगा। उन्होंने कहा कि आज किसी दूसरे का बच्चा नशे की चपेट में है तो भविष्य में हमारा अपना बच्चा भी इसका शिकार हो सकता है, इसलिए समय रहते सामूहिक प्रयास करना जरूरी है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले उन वीडियो का भी उल्लेख किया, जिनमें नशा करते हुए पकड़े गए युवाओं के साथ मारपीट करते हुए वीडियो बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करना उचित नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति की निजता और गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आया युवा अक्सर एक भटका हुआ व्यक्ति होता है, ऐसे में उसकी स्थिति को समझते हुए उसके साथ सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मामलों में वीडियो बनाने या उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के बजाय संबंधित व्यक्ति के परिवार को सूचित करें, उससे संवाद करें और आवश्यकता पड़ने पर उसे उचित सहायता एवं उपचार दिलाने का प्रयास करें।
उपायुक्त ने कार्यशाला में उपस्थित सभी नशा मुक्ति मित्रों से इस विषय की गंभीरता को समझते हुए समाज से नशे जैसी समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, उनकी काउंसलिंग करने तथा उन्हें नशे से दूर रखने के लिए हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक बलदेव दत्त, जिला कल्याण अधिकारी मंजुल ठाकुर, उपनिदेशक शिक्षा विकास महाजन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. करण हितेषी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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