नूरपुर सिल्क मिल को पुनः शुरू करने की कवायद तेज, कर्मचारियों को नियमित करने पर भी हुई चर्चा
नूरपुर सिल्क मिल को पुनः शुरू करने की कवायद तेज, कर्मचारियों को नियमित करने पर भी हुई चर्चा
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर की लंबे समय से बंद पड़ी सिल्क मिल को पुनः शुरू करने और इसमें कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बार फिर प्रयास शुरू होने की उम्मीद जगी है। इसी संबंध में प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा से पूर्व विधायक अजय महाजन ने नूरपुर में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान नूरपुर सिल्क मिल को दोबारा शुरू करने तथा मिल में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने सहित उद्योग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कांग्रेस सेवादल हिमाचल प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष एम.एल. कौंडल ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि शिष्टाचार भेंट के दौरान पूर्व विधायक अजय महाजन ने नूरपुर सिल्क मिल की वर्तमान स्थिति और इससे जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को अनुराग शर्मा के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सिल्क मिल के बंद होने से जहां क्षेत्र में रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम प्रभावित हुआ है, वहीं मिल में कार्यरत रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
बताया गया कि बैठक के दौरान सिल्क मिल को पुनर्जीवित करने के लिए संभावित उपायों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। पूर्व विधायक अजय महाजन ने आग्रह किया कि सरकार इस उद्योग को पुनः शुरू करने के लिए गंभीरता से पहल करे, ताकि नूरपुर क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके और सिल्क मिल से जुड़े कर्मचारियों को भी राहत मिल सके।
लंबी चर्चा के उपरांत अनुराग शर्मा ने पूर्व विधायक अजय महाजन के आग्रह को स्वीकार करते हुए सिल्क मिल का दौरा करने का निर्णय लिया। इस दौरान मिल की मौजूदा स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और उद्योग को दोबारा संचालित करने की संभावनाओं का जायजा लेने की बात कही गई। साथ ही इस उद्योग के पुनरुद्धार से संबंधित मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह भी किया गया।
इस अवसर पर औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा ने अजय महाजन को आश्वस्त किया कि इस सप्ताह होने वाली बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (BOD) की बैठक में नूरपुर सिल्क मिल को पुनर्जीवित करने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने मिल से जुड़े विषय को बैठक में गंभीरता से रखने का भरोसा दिलाया।
नूरपुर सिल्क मिल को दोबारा शुरू किए जाने की संभावित पहल से क्षेत्र के लोगों और मिल से जुड़े कर्मचारियों में उम्मीद की किरण जगी है। यदि सरकार की ओर से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं तो इससे न केवल बंद पड़े उद्योग को नई गति मिल सकती है, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
अब लोगों और कर्मचारियों की नजर आगामी बीओडी बैठक तथा उसके बाद सिल्क मिल के प्रस्तावित दौरे पर टिकी है। बैठक में इस उद्योग के पुनरुद्धार को लेकर क्या निर्णय सामने आता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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