महिला सांसद के रूप-रंग पर टिप्पणी कांग्रेस की महिला-विरोधी मानसिकता का परिचायक : प्रो. अनुपमा सिंह
महिला सांसद के रूप-रंग पर टिप्पणी कांग्रेस की महिला-विरोधी मानसिकता का परिचायक : प्रो. अनुपमा सिंह
अजय सूर्या मंडी। कांग्रेस मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा मंडी की निर्वाचित सांसद कंगना रनौत के पहनावे और मेकअप को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर प्रो. अनुपमा सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और नीतियों पर सवाल उठाना स्वाभाविक है, लेकिन किसी महिला के रूप-रंग, पहनावे या व्यक्तिगत पसंद को निशाना बनाना राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।
प्रो. सिंह ने कहा कि जब कांग्रेस के पास विकास और जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के लिए कुछ नहीं बचता, तो उसके नेता व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेते हैं। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित महिला सांसद के कार्यों पर सवाल उठाने के बजाय उनके मेकअप और कपड़ों पर टिप्पणी करना कांग्रेस की महिला-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली पार्टी को पहले अपने नेताओं की भाषा और आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए। हिमाचल की माताएं-बहनें सम्मान की हकदार हैं, राजनीतिक उपहास की नहीं।
प्रो. अनुपमा सिंह ने कांग्रेस सरकार पर महिलाओं से किए गए चुनावी वादों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान महिलाओं को ₹1500 देने का वादा कर उनसे फॉर्म भरवाए गए, लेकिन सत्ता में आने के बाद महिलाएं आज भी अपने अधिकार और वादे पूरे होने की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल वोट बैंक समझना और चुनाव के बाद उनके मुद्दों से दूरी बनाना प्रदेश की मातृशक्ति का अपमान है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को महिलाओं के रूप-रंग पर टिप्पणी करने के बजाय रोजगार, महंगाई, सड़क, शिक्षा, विकास और महिलाओं से किए गए वादों पर जवाब देना चाहिए। जनता अब राजनीतिक फब्तियां नहीं, बल्कि काम का हिसाब चाहती है।
प्रो. सिंह ने कहा कि हिमाचल की महिलाएं जागरूक हैं और वे स्वयं तय करेंगी कि उन्हें सम्मान चाहिए या चुनावी वादों और राजनीतिक तंजों का सिलसिला। उन्होंने स्पष्ट कहा, “महिलाओं के सम्मान से समझौता नहीं होगा। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मर्यादा की सीमा नहीं टूटनी चाहिए

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