आजादी के बाद आज तक नहीं बनी सड़क, 3 किमी पीठ पर बोझ ढोने को मजबूर ग्रामीण।
आजादी के बाद आज तक नहीं बनी सड़क, 3 किमी पीठ पर बोझ ढोने को मजबूर ग्रामीण।
12 साल बाद भी सड़क का इंतजार, रोजमर्रा की जिंदगी बनी संघर्ष तथा विधायक और प्रशासन से लगाई गुहार।
लाहौल-स्पीति : विजय ठाकुर /
जनजातीय जिला लाहौल घाटी के सलग्रां पंचायत का थनवानी गांव आज भी सड़क सुविधा से पूरी तरह कटा हुआ है। ग्रामीण अपनी पीठ पर भारी सामान ढोने को मजबूर हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत कुरचेड से थनवानी तक सड़क प्रस्तावित थी। इस योजना को करीब 12 साल बीत चुके हैं। इसके बावजूद थनवानी गांव के लोग सड़क का मुंह नहीं देख पाए हैं। देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, लेकिन यहां के निवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सड़क न होने से ग्रामीणों का जीवन कठिन हो गया है। उन्हें रोजमर्रा की जरूरत का सामान और नकदी फसलें पीठ पर उठानी पड़ती हैं। ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
कई बार सामान ढोने के लिए खच्चरों का सहारा लेना पड़ता है। यह पर्वतीय क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों को दर्शाती है। परेशान ग्रामीणों ने अब स्थानीय विधायक लाहौल-स्पीति अनुराधा राणा जी व जिला प्रशासन से मदद मांगी है। थनवानी के लोगों ने प्रशासन से गांव को प्राथमिकता के आधार पर सड़क से जोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द उन्हें इस समस्या से निजात दिलाई जाए। ग्रामीण अब सिर्फ़ न्याय और पक्की सड़क की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


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