वजीर राम सिंह पठानिया को ‘प्रथम स्वतंत्रता सेनानी’ का दर्जा देने की मांग तेज

 वजीर राम सिंह पठानिया को ‘प्रथम स्वतंत्रता सेनानी’ का दर्जा देने की मांग तेज — विधानसभा में बोले विधायक रणवीर सिंह निक्का


नूरपुर : विनय महाजन /

नूरपुर। प्रदेश विधानसभा के सत्र के दौरान नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का ने ऐतिहासिक वीर योद्धा वजीर राम सिंह पठानिया को देश का प्रथम स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने की पुरजोर मांग उठाई।

विधायक निक्का ने सदन में कहा कि अंग्रेजों ने जब वजीर राम सिंह पठानिया को गिरफ्तार किया था, उस समय उनके पास कोई आधुनिक हथियार नहीं थे। उनके हाथ में केवल एक गड़वा (पारंपरिक डंडा) था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अद्वितीय पराक्रम दिखाते हुए तीन से चार अंग्रेज अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया।उन्होंने कहा कि मात्र 24 वर्ष की आयु में देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले इस अमर शहीद के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे वास्तविक हकदार थे। इसलिए केंद्र सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि उन्हें भारत के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी का आधिकारिक दर्जा प्रदान किया जाए।विधायक निक्का ने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी को ऐसे वीर बलिदानियों की वास्तविक गाथा से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से आवेदन किया कि वजीर राम सिंह पठानिया से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का विकास किया जाए, स्मारक स्थापित हों तथा स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में उनके शौर्य और संघर्ष को समुचित स्थान दिया जाए।उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ उनका विद्रोह ऐसे दौर में हुआ जब स्वतंत्रता आंदोलन संगठित रूप नहीं ले पाया था, फिर भी उन्होंने अन्याय और अत्याचार का सामना करते हुए वीरतापूर्वक लड़ाई लड़ी और देश पर कुर्बान हो गए।विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजकर वजीर राम सिंह पठानिया के वीरता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता लंबे समय से इस महान स्वतंत्रता सेनानी को उचित सम्मान मिलने की प्रतीक्षा कर रही है। इस विषय में कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया व केवल सिंह पठानिया व विधायक डॉक्टर जनक राज ने भी विधानसभा में इस प्रस्ताव मंजूरी देने के बाद भारत सरकार को भेज कर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलवाने का मुद्दा भी उठाया हैl गौरतलब है कि पंजाब सरकार इस शहीद की यादगार में राजपत्रित छुट्टी घोषित करके मेले का आयोजन करती है l इतना नहीं जब भारत के पूर्व गृहमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी अपनी एक रथ यात्रा को लेकर नूरपुर मैं इस हिताचिक राम सिंह पठानिया स्मारक में आए थे तो उन्होंने आश्वासन दिया था केंद्र में भाजपा की सरकार आते ही इस शहीद को प्रथम स्वतंत्रता सेनानी घोषित किया जाएगा और इसके चित्र लोकसभा और विधानसभा में लगेंगेl दुर्भाग्य इस बात का है हिमाचल प्रदेश में इस शहीद के नाम पर राजनीति होती रही l अब देखना है की व्यवस्था परिवर्तन करने वाली सरकार इस सहित को प्रथम स्वतंत्रता सेनानी व शहीद का दर्जा केंद्र सरकार से दिलवा पाती है या नहीं l नूरपुर के इतिहास में रणवीर सिंह निक्का नूरपुर के पहले विधायक हैं जिन्होंने यह मामला सदन में इस बार उठाया हैl

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