शीत सत्र खाली… जनता नाराज़ — हिमाचल में सरकार के खिलाफ बढ़ता गुस्सा!
शीत सत्र खाली… जनता नाराज़ — हिमाचल में सरकार के खिलाफ बढ़ता गुस्सा!
तीन साल का हिसाब भारी — सुक्खू सरकार से उम्मीदें खत्म: विश्व चक्षु
सत्ता के दरबार में खामोशी — सुक्खू सरकार से जनता का भरोसा उठा!
धर्मशाला/तपोवन
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शीतकालीन सत्र में “जनता की गैरमौजूदगी” सरकार की असफलता पर सबसे बड़ा मुहरनामा है।
उन्होंने कहा कि जनता सरकार को अपना नहीं मान रही, यही कारण है कि इस बार तपोवन सत्र में फरियादी पहुंच ही नहीं रहे हैं। अब प्रदेश का हर पीड़ित वर्ग, पूर्व पेंशनर्ज सरकार व विधानसभा में घेराव करने के लिए पहुंच रहे हैं। सड़कों में बैठकर 80-80 वर्ष के बुजुर्ग चक्का जाम करने के लिए मजबूर हो रहे है, इससे बड़ी आपदा राज्य के लिए कोई ओर नहीं हो सकती।
चक्षु का तीखा वार कहा कि जनता ने सरकार को आइना दिखा दिया है।
विश्व चक्षु ने कहा कि जब सरकार जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ ले, अधिकारियों की मनमानी चरम पर हो और भ्रष्टाचार नई ऊंचाइयों को छूने लगे, तब जनता का सरकार से मोह भंग होना स्वाभाविक है।
आज हालात यह हैं कि लोग अपनी पीड़ा लेकर सदन तक आने को भी तैयार नहीं, क्योंकि उन्हें पता है कि इस सरकार में सुनवाई होने वाली नहीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू की प्राथमिकता सिर्फ़ राजनीतिक बयानबाज़ी और फोटोग्राफी रह गई है, जबकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, सड़कें, कर्मचारियों के मुद्दे, बेरोज़गारी और विकास कार्य ठप पड़े हैं।
जनता का सड़कों से सदन तक ग़ायब होना — सरकार के खिलाफ मौन अविश्वास प्रस्ताव
चक्षु ने कहा कि यह लोकतंत्र का बेहद चिंताजनक संकेत है कि जनता को अपनी गुहार लगाने की जगह पर भी भरोसा नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि भाजपा इसके खिलाफ प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाएगी और जनता की आवाज़ को बुलंद करेगी।
अंत में चक्षु ने कहा कि सरकार को यह समझ लेना चाहिए — जब जनता खुद सदन से दूरी बना लेती है, तो उसकी विदाई के कदम भी तेज़ हो जाते हैं!


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