बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, किशोर न्याय तथा पॉस्को अधिनियम से संबंधित विषयों पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन
बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, किशोर न्याय तथा पॉस्को अधिनियम से संबंधित विषयों पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन : किरण भड़ाना
केलांग : ओम बौद्ध /
बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, किशोर न्याय तथा पॉस्को अधिनियम से संबंधित विषयों पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) एवं जिला प्रशासन लाहौल-स्पीति के सयुंक्त तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ उपायुक्त किरण भड़ाना द्वारा किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, दिल्ली से वरिष्ठ परामर्शदाता उमेश चंदर शर्मा, परामर्शदाता ऋषभ दुबे तथा मानव अधिकार अधिवक्ता एवं विधिक प्रशिक्षक हनीफ-उर-रहमान उपस्थित रहे।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. हीरा नन्द ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी खुशविन्दर ठाकुर ने विशेष संबोधन में बच्चों के अधिकारों से जुड़े अधिनियमों के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि बच्चों को इन प्रकार के कार्यक्रमों में शामिल करना आवश्यक है ताकि ये और अधिक सार्थक बन सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों तथा बाल संरक्षण से जुड़े कर्मचारियों को बच्चों से जुड़े मामलों में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए, विशेषकर बालिका सुरक्षा, POCSO मामलों, बाल श्रम, शिक्षा की कमी तथा जागरूकता के अभाव जैसे विषयों पर। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा विशेष है और हमें उसके समग्र विकास के लिए सुरक्षित व सक्षम वातावरण तैयार करना होगा।
वरिष्ठ परामर्शदाता उमेश चंदर शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकारपूर्ण जीवन प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि आयोग ने पिछले छह महीनों में 26,000 से अधिक मामलों का निपटारा किया है, 2,300 बच्चों को तस्करी से मुक्त कराया गया है और 1,000 बच्चों को उनके गृह जिलों में पुनर्वासित किया गया है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं, तभी वे अच्छे नागरिक बनते हैं।
परामर्शदाता ऋषभ दुबे ने विद्यालयों में हो रहे बुलिंग एवं साइबर बुलिंग, बाल स्वास्थ्य, पोषण और बाल अधिकारों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने e-Baal Nidan पोर्टल तथा बाल सहायता हेल्पलाइन 1098 के उपयोग के बारे में भी जानकारी साझा की।
अधिवक्ता हनीफ-उर-रहमान ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा पॉस्को अधिनियम 2015 के कानूनी प्रावधानों और लागू करने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति शिवानी मेहला ने बाल संरक्षण में पुलिस की भूमिका सीडबलू के साथ समन्वय तथा व्यवहारिक समाधानों पर अपने विचार रखे।
डॉ. हीरा नन्द ने शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों को सशक्त बनाकर सुरक्षित वातावरण तैयार करने पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के साथ खुली चर्चा आयोजित की गई।
अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय डोगरा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी डॉ. विवेक गुलेरिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोशन लाल, शिक्षक, पुलिस कर्मी, विभिन्न पंचायतों के प्रधान, महिला मंडल प्रतिनिधि तथा अन्य स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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