लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की आपात बैठक आयोजित, जंतर-मंतर की घटना की निंदा
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की आपात बैठक आयोजित, जंतर-मंतर की घटना की निंदा
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की एक आपात बैठक बुधवार को नगरोटा सूरियां रेस्ट हाउस में श्री प्रेमचंद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों, महिलाओं एवं बच्चों के साथ कथित रूप से हुए पुलिस व्यवहार पर चिंता व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की गई।
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से रखने का अधिकार है। उनका कहना था कि सरकार को संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। बैठक में प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग, महिलाओं एवं बच्चों के साथ दुर्व्यवहार तथा उन्हें अपमानित किए जाने के आरोपों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी, श्री अखिलेश यादव तथा अन्य नेताओं के साथ कथित धक्का-मुक्की, हिरासत में लिए जाने और उनके साथ हुए व्यवहार पर भी सदस्यों ने चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन असहमति रखने वाले नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार होना चाहिए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान इन घटनाओं के विरोध में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगा। साथ ही स्थानीय प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार को एक ज्ञापन भेजकर आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की जाएगी।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में लोक मोर्चा अभियान के अध्यक्ष पी.सी. विश्वकर्मा, गुरुदेव भारती, रामस्वरूप सिंह, रामपाल धीमान, करतार सिंह, सुदर्शन कुमार, मदन कबीर तथा डॉ. एच.एल. धीमान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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