राजकीय महाविद्यालय ज्वाली में कानूनी साक्षरता शिविर आयोजित; नशा मुक्ति, एंटी-रैगिंग और पर्यावरण संरक्षण पर किया जागरूक
राजकीय महाविद्यालय ज्वाली में कानूनी साक्षरता शिविर आयोजित; नशा मुक्ति, एंटी-रैगिंग और पर्यावरण संरक्षण पर किया जागरूक
ज्वाली (कांगड़ा):
राजकीय महाविद्यालय ज्वाली में उपमंडल कानूनी सेवा समिति (Sub-Divisional Legal Services Committee) के तत्वावधान में एक कानूनी साक्षरता/जागरूकता शिविर (Legal Aid Camp) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे एडवोकेट रोहित शर्मा ने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, एंटी-रैगिंग कानूनों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
नशे के खिलाफ कड़ा संदेश
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए एडवोकेट रोहित शर्मा ने कहा कि नशा आज के युवाओं के भविष्य और समाज के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाते हुए एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के कड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया।
रैगिंग एक गंभीर अपराध
एंटी-रैगिंग कानूनों पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित और एक गैर-जमानती अपराध है। रैगिंग में संलिप्त पाए जाने वाले छात्रों का न केवल शैक्षणिक करियर खत्म हो सकता है, बल्कि उन्हें जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कॉलेज में सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल बनाए रखने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण और मुफ्त कानूनी सहायता
पर्यावरण कानूनों (Environmental Laws) पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने जल, वायु और वनों के संरक्षण से जुड़े कानूनों की जानकारी दी। इसके साथ ही एडवोकेट रोहित शर्मा ने राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तहत जरूरतमंदों, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता (Free Legal Aid) की प्रक्रियाओं के बारे में भी जागरूक किया।
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रशासन व प्राध्यापकों ने एडवोकेट रोहित शर्मा का धन्यवाद व्यक्त किया और इस तरह के जागरूकता शिविरों को युवाओं के मार्गदर्शन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया
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