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होलिका दहन कब, अग्नि पूजन के समय मंत्र का जाप

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होलिका दहन कब, अग्नि पूजन के समय मंत्र का जाप मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥ ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात्. ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् . पौराणिक कथा के अनुसार, राक्षस हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को आग में न जलने का वरदान प्राप्त था। वह अपने ही भतीजे श्री हरि भक्त प्रहलाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका जलकर भस्म हो गई। यह पर्व बुराई पर अच्छाई जी जीत का प्रतीक है। इस दिन लोग होलिका की पूजा करते हैं और होलिका दहन की अग्नि में गाय के गोबर के उपले, गेहूं की बालियां और चने अर्पित करते हैं। साथ ही अग्नि की परिक्रमा लगाकर वे अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि और रोगों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत, 02 मार्च 2026 को शाम 05 बजकर 55 मिनट से शुरू हो जाएगी, जिसका समापन 03 मार्च 2026 शाम 05 बजकर 07 मिनट पर होगा। इस तरह से होलिका दहन 03 मार्च को कि...

मेष, वृष मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु राशियों का जानें राशिफल

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मेष, वृष मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु राशियों का जानें राशिफल   मेष :आज आपके लिए ऊर्जा और प्रेरणा का कोई नया स्रोत खुल सकता है. आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेंगे. दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना आपको खुशी और संतुष्टि देगा. कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं, लेकिन आपकी हिम्मत और निर्णय लेने की क्षमता आपको उनसे आसानी से निपटने में मदद करेगी. स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और संतुलित आहार पर ध्यान दें. रोमांटिक रिश्तों में सार्थक संवाद का भी समय है. आज व्यक्तिगत विकास पर ध्यान देना फ़ायदेमंद रहेगा. सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और याद रखें कि आपकी मेहनत का फल आपको ज़रूर मिलेगा. वृष: वृष राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक है. अपने निजी और पेशेवर जीवन में संतुलन लाने का समय आ गया है. आज आपके आस-पास के लोगों के साथ आपके रिश्ते बेहतर होने की संभावना है. आप अपनी भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर पाएंगे, जिससे आपका सामाजिक दायरा मजबूत होगा. अगर आप किसी नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं तो आज आपकी म...

बसंत पंचमी पर यह 5 घंटे और 20 मिन्ट आपके जीवन में नई ऊर्जा का संचार, सरस्वती पूजा का मुहूर्त?

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बसंत पंचमी पर यह 5 घंटे और 20 मिन्ट आपके जीवन में नई ऊर्जा का संचार, सरस्वती पूजा का मुहूर्त? सरस्वती पूजा के लिए सबसे पहले पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। धूप, दीप और गुग्गुल जलाकर पूजा का आरंभ करें। सबसे पहले गणपति जी की पूजा करना अनिवार्य माना जाता है, ताकि पूजा में कोई बाधा न आए। इसके बाद माता सरस्वती का ध्यान करें और शुद्ध आसन पर बैठकर पूजा करें। गणेश पूजन के बाद ही कलश स्थापना की जाती है। कलश में सुपारी, अक्षत, दूर्वा और मुद्रा रखी जाती है। कलश पर नारियल और वस्त्र रखा जाता है। इसके बाद वरुण देव का स्मरण करते हुए कलश पूजन किया जाता है। इसके पश्चात मां सरस्वती का ध्यान कर उनका आह्वान किया जाता है और उन्हें स्नान, वस्त्र, चंदन, पुष्प और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। सरस्वती पूजा के दौरान किताबें, कॉपी, पेन और वाद्य यंत्र माता के पास रखें। मान्यता है कि इन वस्तुओं पर फूल और अक्षत अर्पित करने से पढ़ाई और कला में सफलता मिलती है। पूजा के बाद इन्हीं वस्तुओं से पढ़ाई या अभ्यास शुरू करना शुभ...

बैजनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक आयोजित, विकास कार्यों एवं शिवरात्रि मेला तैयारियों पर हुई विस्तृत चर्चा

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बैजनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक आयोजित, विकास कार्यों एवं शिवरात्रि मेला तैयारियों पर हुई विस्तृत चर्चा बैजनाथ : उपमंडलाधिकारी बैजनाथ एवं सहायक आयुक्त बैजनाथ मंदिर संकल्प गौतम की अध्यक्षता में बैजनाथ मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय, विकासात्मक एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान गत वर्ष में किए गए आय–व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया जिस पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित कार्यों एवं योजनाओं पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। हिमाचल सरकार की अनुशंसा के अनुरूप आगामी वर्ष में खीरगंगा घाट के जीर्णोद्धार कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत घाट की सीढ़ियों पर कैनोपी लगाने, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुधार कार्य तथा मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के कार्य शामिल हैं। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि मंदिर न्यास सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए ऐसे बच्चों की पहचान करेगा जो सीमित संसाधनों अथवा आर्थिक कमजोरी...

बसंत पंचमी के दिन बन रहे शुभ योग, जानें राशिफल

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बसंत पंचमी के दिन बन रहे शुभ योग, जानें राशिफल ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन बन रहे शुभ योग कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। या कुन्देन्दु तुषारहार धवला, या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा, या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥  मेष: आज का दिन महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने में व्यतीत होगा। परिवार में सौहार्द बना रहेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धन लाभ के योग हैं और किसी वरिष्ठ व्यक्ति की सलाह से उलझी समस्या सुलझ सकती है।   वृष:आज का दिन बेहद शुभ रहेगा। किसी रिश्तेदार से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। मीडिया और प्राइवेट सेक्टर से जुड़े लोगों को लाभ होगा। इंजीनियरिंग छात्रों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। मिथुन:व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं और क्लाइंट्स के साथ संबंध मजबूत होंगे। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से खुशखबरी मिल सकती है। कर्क: दिन मिला-जुला रहेगा। छात्रों को मेहनत का फल मिलेगा। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण...

इन राशि वालों को धन लाभ होगा, राशिफल जानें कैसा रहेगा आपका दिन

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इन राशि वालों को धन लाभ होगा, राशिफल जानें कैसा रहेगा आपका दिन  मेष राशि वालों को धन लाभ होगा, बिजनेस में प्रगति होगी। वृषभ राशि वाले की लव लाइफ अच्छी रहेगी, काम समय पर पूरे होंगे। मिथुन राशि वाले वाणी पर नियंत्रण रखें, इनके काम की तारीफ होगी। कर्क राशि वाले की सेहत ठीक रहेगी, ये दोस्तों का साथ घूमने जा सकते हैं। वृष:विवाह योग्य लोगों का लिए योग्य रिश्ता आ सकता है। प्रेम संबंध में चल रही गलतफहमी दूर हो सकती है। लव लाइफ पहले से काफी शानदार रहेगी। बिजनसे में लाभ की स्थिति बनेगी। सभी काम समय पर पूरे होने से आप राहत की सांस लेंगे। मिथुन: जल्दबाजी में कोई भी काम न करें नहीं तो ये बिगड़ भी सकता है। नौकरी में आपके काम की प्रशंसा होगी। परिवार वालों के साथ घूमने जा सकते हैं। समय का सदुपयोग करने में सफल रहेंगे। वर्क प्लेस पर तनाव हो सकता है, वाणी पर नियंत्रण रखें। कर्क: इस राशि के बीमार लोग अपनी सेहत का खास ध्यान रखें। परिवार में किसी बात पर टेंशन का माहौल रहेगा। दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। भाई-बहनों से कहासुनी संभव है। वरिष्ठ लोगों का मार्गदर्शन आपके लिए सहयोगी साबित होगा। ...

कश्मीरी शख्स ने की अयोध्या राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश, पुलिस ने लिया हिरासत में, युवक ने लगाए नारे

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कश्मीरी शख्स ने की अयोध्या राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश, पुलिस ने लिया हिरासत में, युवक ने लगाए नारे   अयोध्या राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश करते हुए एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुलिस द्वारा रोके जाने पर शख्स ने संप्रदाय विशेष के नारे लगाने शुरू कर दिए. शख्स की पहचान कश्मीर के शोपियां के रहने वाले अहमद शेख के रूप में हुई है.पकड़े गए शख्स ने राम मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे में नमाज पढ़ने का प्रयास किया.मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर शख्स ने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया. घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एक्टिव हो गए. शख्स से पूछताछ की जा रही है. वहीं शख्स ने यह किस उद्देश्य के लिए किया इसकी गहन जांच की जा रही है. मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की घटना के बाद पुलिस एक्टिव हो गई. शहर में कश्मीरी शॉल बेचने वाले लोगों को भी हिरासत में लिया. उनसे भी पूछताछ हो रही है. घटना आज सुबह की ...

आइए जानें कब पौष पूर्णिमा श्री सत्यनारायण का व्रत 2 या 3 जनवरी को

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आइए जानें कब पौष पूर्णिमा श्री सत्यनारायण का व्रत 2 या 3 जनवरी को  विषय: शास्त्रानुसार श्रीसत्यनारायण व्रत की सही तिथि एवं समय। शास्त्रों के नियमानुसार, श्रीसत्यनारायण व्रत उसी दिन किया जाता है जब पूर्णिमा तिथि प्रदोषव्यापिनी (सूर्यास्त के समय मौजूद) और चन्द्रोदय-व्यापिनी होती है। इस वर्ष पौष मास की पूर्णिमा को लेकर तिथियों का गणित कुछ इस प्रकार है: 2 जनवरी को व्रत रखने का शास्त्रीय कारण: पूर्णिमा का प्रारंभ: 2 जनवरी, 2026 को शाम 06:54 बजे (18:54) से पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है। प्रदोष काल: पंजाब, हिमाचल और जम्मू सहित उत्तर-पश्चिम भारत में इस दिन प्रदोष काल लगभग शाम 05:33 से रात 08:21 तक रहेगा। चूंकि 2 जनवरी की रात को पूर्णिमा तिथि विद्यमान है, इसलिए चन्द्रोदय और प्रदोष काल के संयोग के कारण इसी दिन व्रत रखना शास्त्रसम्मत है। 3 जनवरी को व्रत क्यों नहीं? अगले दिन, यानी 3 जनवरी को पूर्णिमा तिथि दोपहर 03:33 बजे (15:33) पर ही समाप्त हो रही है। सूर्यास्त के समय पूर्णिमा तिथि न होने के कारण, इस दिन प्रदोष काल में पूर्णिमा का अभाव रहेगा। निष्कर्ष: अतः सभी श्रद्धालु जन ध्यान दें कि ...