अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में पहली बार होगी पारंपरिक कौडी प्रतियोगिता, 50 टीमों ने कराया पंजीकरण, 100 से अधिक टीमों के पहुंचने की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में पहली बार होगी पारंपरिक कौडी प्रतियोगिता, 50 टीमों ने कराया पंजीकरण, 100 से अधिक टीमों के पहुंचने की उम्मीद
चम्बा,
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला-2026 इस बार सिर्फ सांस्कृतिक संध्याओं और व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हिमाचल की पारंपरिक खेल संस्कृति का भी भव्य मंच बनेगा। 26 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले में पहली बार पारंपरिक कौडी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। वर्षों से गांवों तक सीमित रहा यह लोक खेल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले में अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है।
मिंजर मेले के दौरान हर वर्ष क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और कबड्डी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। इस बार इन्हीं खेलों की श्रृंखला में 29 जुलाई से 2 अगस्त तक पारंपरिक कौडी प्रतियोगिता भी होगी। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह है। अब तक करीब 50 टीमों ने पंजीकरण करवा लिया है, जबकि जिला कौडी संघ चम्बा का अनुमान है कि प्रतियोगिता शुरू होने तक यह संख्या 100 से अधिक पहुंच सकती है।
जिला कौडी संघ चम्बा ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी साझा की। संघ के अध्यक्ष डॉ. संजीव सूरी ने बताया कि पहली बार मिंजर मेले जैसे बड़े मंच पर इस खेल को स्थान मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों में विशेष उत्साह है। उनका कहना था कि यह पहल पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने का भी माध्यम बनेगी।
संघ के महासचिव महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता को अधिक व्यवस्थित और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया गया है। प्रत्येक टीम में पांच खिलाड़ी होंगे, जिनमें से एक मुकाबले में चार खिलाड़ी खेलेंगे, जबकि पांचवें खिलाड़ी को अगले मैच में शामिल किया जा सकेगा। प्रतियोगिता नॉकआउट आधार पर होगी, जिसमें हारने वाली टीम सीधे प्रतियोगिता से बाहर हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां अंगूठे से चाल चलने का नियम था, वहीं अब पूरी हथेली से कौडियां फेंकी जाएंगी। इन परिवर्तनों का उद्देश्य खेल को अधिक रोचक, पारदर्शी और जिला स्तरीय प्रतियोगिता के अनुरूप बनाना है।
प्रतियोगिता के विजेता को 21 हजार रुपये, उपविजेता को 11 हजार रुपये, जबकि सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों को क्रमशः 5 हजार और 3 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। यदि टीमों की संख्या अपेक्षा से अधिक रही तो पुरस्कार राशि बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। खिलाड़ियों के लिए जलपान की व्यवस्था भी रहेगी।
आयोजकों का मानना है कि पहली बार आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों बल्कि दर्शकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी और हिमाचल की पारंपरिक खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिला कौडी संघ चम्बा की 17 सदस्यीय आयोजन समिति
डॉ. संजीव सूरी (अध्यक्ष), विक्रमजीत सिंह (उपाध्यक्ष), पूजा कुमारी (वाइस चेयरमैन), महेंद्र सिंह (महासचिव), सुरेश ठाकुर (संयुक्त सचिव), सुरजीत कुमार (वित्त सचिव), रिशव महिन्द्रू (मीडिया सचिव), गगन सिंह (अकाउंटेंट), रमेश कुमार (मुख्य सलाहकार), अतुल बक्शी (सलाहकार), हेम सिंह ठाकुर (सलाहकार), राजेश सहगल (सलाहकार), वृजलाल, रविंद्र कुमार, विनोद कुमार, अशोक कुमार एवं सुभाष कुमार (सदस्य)।
: डॉ. संजीव सूरी, अध्यक्ष, जिला कौड़ी संघ चम्बा।
: महेंद्र सिंह, महासचिव, जिला कौड़ी संघ चम्बा।

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