मारपीट मामले में एसएमसी की मांग: आरोपियों पर हो सख्त कार्रवाई, लेकिन स्कूल को जातीय भेदभाव के नाम पर न किया जाए बदनाम
मारपीट मामले में एसएमसी की मांग: आरोपियों पर हो सख्त कार्रवाई, लेकिन स्कूल को जातीय भेदभाव के नाम पर न किया जाए बदनाम
मंडी : अजय सूर्या /
मंडी जिला के सराज क्षेत्र की उप तहसील बागाचनोगी में दो सगे भाइयों के साथ हुई मारपीट के मामले में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही समिति ने कहा कि कशीम्बलीधार स्कूल को इस मामले में बेवजह बदनाम किया जा रहा है और स्कूल पर लगाए जा रहे जातिगत भेदभाव के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
वीरवार को स्कूल प्रबंधन समिति और अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मंडी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि दोनों किशोरों के साथ हुई मारपीट की घटना बेहद दुखद है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इस घटना को स्कूल से जोड़ना उचित नहीं है ।
एसएमसी का कहना है कि यह घटना भाटकीधार ग्राम पंचायत के कुलथनी गांव में हुई, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कशीम्बलीधार कुकलाह ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। समिति ने स्पष्ट किया कि न तो इस मारपीट में स्कूल का कोई छात्र शामिल था और न ही स्कूल में किसी भी छात्र के साथ जातिगत आधार पर भेदभाव किया जाता है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि पीड़ित बच्चों के माता-पिता स्वयं स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य हैं। यदि स्कूल में किसी प्रकार का जातिगत भेदभाव या मारपीट होती, तो वे इसकी शिकायत अवश्य करते। आज तक स्कूल प्रबंधन के पास इस संबंध में कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं आई है।
एसएमसी ने कहा कि पिछले दो वर्षों से स्कूल में जातिगत भेदभाव और मारपीट के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। इन आरोपों से शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन समिति और पूरे विद्यालय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है तथा स्कूल की छवि भी प्रभावित हो रही है। समिति ने प्रशासन से अपील की कि वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन बिना तथ्यों के स्कूल को बदनाम न किया जाए।

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