संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण परिषद की कार्यशैली के मूल आधार : शिवांश सोनी
संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण परिषद की कार्यशैली के मूल आधार : शिवांश सोनी
सुंदरनगर : अजय सूर्या /
भारत विकास परिषद, शाखा सुंदरनगर समाजहित और राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अपने पांच मूल सिद्धांत—संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण—को आधार बनाकर निरंतर कार्य कर रही है। यह बात शाखा अध्यक्ष शिवांश सोनी ने परिषद की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद केवल एक सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला एक सशक्त परिवार है। परिषद शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं बाल विकास तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उनका कहना था कि परिषद का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ते हुए सेवा और संस्कार की भावना को मजबूत करना है।
शाखा के महासचिव संजय शर्मा ने कहा कि परिषद समाज में सेवा भाव को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से परिषद की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कोषाध्यक्ष करण अग्रवाल ने कहा कि समाज के सहयोग से ही सेवा कार्यों का दायरा व्यापक बनाया जा सकता है। परिषद पारदर्शिता, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ जनहित के कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ा रही है।
अंत में शाखा अध्यक्ष शिवांश सोनी ने कहा कि भारत विकास परिषद, सुंदरनगर भविष्य में भी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर सेवा एवं जनकल्याण के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करती रहेगी। उन्होंने नागरिकों से परिषद से जुड़कर संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में सहभागी बनने का आह्वान किया।

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