लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जंतर-मंतर घटना की निंदा
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जंतर-मंतर घटना की निंदा
नगरोटा सूरियां : प्रेम स्वरूप शर्मा /
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की जिला कांगड़ा इकाई ने वीरवार को तहसीलदार नगरोटा सूरियां के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ कथित रूप से हुई धक्का-मुक्की और पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई।
अभियान के पदाधिकारियों का कहना था कि नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे। उनका आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए राहुल गांधी को जबरन हटाया, जिससे उन्हें चोट भी आई। अभियान ने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांगड़ा इकाई के संयोजक पी.सी. विश्वकर्मा, सह-संयोजक राम पाल धीमान तथा मदन कबीर ने किया। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने वाले शिष्टमंडल में पी.सी. विश्वकर्मा, गुरदेव सिंह (प्रधान, पेंशन संघ), सेवानिवृत्त मुख्य शिक्षक मदन कबीर, सुदर्शन सिहौल, करतार सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पेंशन संघ), राम पाल धीमान (महामंत्री, कांग्रेस ज्वाली), कृष्ण भारद्वाज (प्रवक्ता, कांग्रेस ज्वाली), अशोक चौधरी (पूर्व प्रधान पंचायत) तथा युवा नेता अनुज सिहौल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इस मामले में उचित समाधान नहीं निकला तो वे जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
मीडिया से बातचीत में संयोजक पी.सी. विश्वकर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार को बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सभी पक्षों के साथ सम्मानजनक बातचीत कर समाधान निकालना आवश्यक है। उनका कहना था कि देश के युवाओं की चिंताओं का लोकतांत्रिक तरीके से समाधान होना चाहिए, क्योंकि यही छात्र देश का भविष्य हैं।

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