स्कीम वर्करों का मंडी मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन, मानदेय वृद्धि व श्रमिक दर्जे की उठी मांग

 स्कीम वर्करों का मंडी मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन, मानदेय वृद्धि व श्रमिक दर्जे की उठी मांग


मंडी

स्कीम वर्करज के राष्ट्रीय फेडरेशन के आह्वान पर जिला मंडी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिड-डे मील वर्करों ने जिला मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के कई खंडों से सैकड़ों की संख्या में पहुंची महिलाओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष व्यक्त किया और लंबित मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की


प्रदर्शनकारी वर्करों ने कहा कि वे बीते कई वर्षों से देश के करोड़ों गरीब बच्चों को पौष्टिक आहार और गर्भवती महिलाओं को पोषण उपलब्ध करवा रही हैं, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। 2009 से मिड-डे मील कर्मियों और 2020 से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय एक रुपये तक नहीं बढ़ाया गया है। महंगाई राहत भी नहीं दी जा रही है, जबकि नंद घर, वेदांत और पोषण 2.0 के नाम पर योजनाओं के निजीकरण की कोशिशें तेज की जा रही हैं।


वर्करों ने आरोप लगाया कि डिजिटलाइजेशन और FRS ऐप के नाम पर लाखों लाभार्थियों को योजनाओं से बाहर किया जा रहा है। बजट में हर साल कटौती की जा रही है और कई-कई महीनों तक मानदेय का भुगतान नहीं होता, जिससे भारी असंतोष पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी, पेंशन, चिकित्सा सुविधा और मातृत्व अवकाश नहीं दिया जा रहा है। मिड-डे मील वर्करों के लिए छुट्टियों का भी कोई प्रावधान नहीं है।


मुख्य मांगें


आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 20 आकस्मिक अवकाश दिए जाएं।


मिड-डे मील कर्मियों का मानदेय हर महीने की 1 तारीख को एकमुश्त बैंक खाते में जमा किया जाए।


45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू कर वर्करों को श्रमिक/कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।


न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता तुरंत लागू किया जाए।


मिड-डे मील कर्मियों को 10 की बजाय 12 महीने का वेतन दिया जाए।

मिड-डे मील योजना को आठवीं तक सीमित न कर 12वीं कक्षा तक बढ़ाया जाए।

वेदांत, नंद घर, पिरामल, आईएसए आदि के नाम पर योजनाओं के निजीकरण पर पूर्ण रोक लगे।

नई श्रम संहिताओं को रद्द कर पुरानी श्रम कानून व्यवस्था बहाल की जाए।

वर्करों ने अपनी सभी मांगों का ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री तक भेजा।


इस अवसर पर सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, जिला महासचिव राजेश शर्मा, गुरदास वर्मा, आंगनबाड़ी वर्कर-हेल्पर यूनियन प्रधान विमला शर्मा, अंजुला, गोदावरी, माया, नागों, मिड-डे मील जिला उपाध्यक्ष भीशम, जिला सचिव ललिता, रितु शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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