करगिल विजय दिवस पर शिमला में वीर सैनिकों का सम्मान, उपायुक्त बोले— हर नागरिक है देश का सिपाही
करगिल विजय दिवस पर शिमला में वीर सैनिकों का सम्मान, उपायुक्त बोले— हर नागरिक है देश का सिपाही
शिमला : गायत्री गर्ग /
करगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को उपायुक्त कार्यालय शिमला स्थित बचत भवन में जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर करगिल युद्ध में भाग लेने वाले वीर सैनिकों और पूर्व सैनिकों को उनके अद्वितीय साहस, शौर्य और राष्ट्र सेवा के लिए शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इसके बाद उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने उपस्थित लोगों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की शपथ दिलाई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि करगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। पर्यावरण संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से चिट्टा जैसे नशे को समाज के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए इसके उन्मूलन में जनसहभागिता का आह्वान किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने कहा कि करगिल विजय दिवस भारतीय सेना के त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस का प्रतीक है। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सेवारत एवं पूर्व सैनिकों के राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को नमन किया।
उपनिदेशक सैनिक कल्याण विभाग अतुल चंबियाल ने स्वागत भाषण दिया, जबकि एसडीएम एवं सहायक आयुक्त मंजीत शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
समारोह में करगिल युद्ध में भाग लेने वाले सूबेदार मेजर शाम लाल शर्मा, सूबेदार मेजर दिवाकर दत्त शर्मा, सूबेदार वेद प्रकाश शर्मा, हवलदार लक्ष्मी दत्त शर्मा, हवलदार राम लाल शर्मा, हवलदार प्रवीण शर्मा तथा नाइक जय सिंह को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान करगिल युद्ध पर आधारित प्रेरणादायक वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। पोर्टमोर स्कूल की छात्राओं जन्नत और एकता तथा संस्कृत कॉलेज फागली की छात्रा सुहानी ने देशभक्ति पर आधारित कविताओं का पाठ कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए तीनों छात्राओं को एक-एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और टोपी भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह का विशेष आकर्षण करगिल युद्ध के वीर सैनिकों द्वारा साझा किए गए प्रेरणादायक अनुभव रहे। उन्होंने युद्ध के दौरान भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़े संस्मरण सुनाकर युवाओं में राष्ट्रभक्ति और देश सेवा की भावना को मजबूत किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्ञान सागर नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

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