10 किलोमीटर के भाग पर 4 स्थानों पर फोरलेन सड़क अभी कच्ची होने के कारण वरसात के सीजन में यातायात के लिए खतरा बनी
10 किलोमीटर के भाग पर 4 स्थानों पर फोरलेन सड़क अभी कच्ची होने के कारण वरसात के सीजन में यातायात के लिए खतरा बनी
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर प्रदेश मे पठानकोट -मंडी फोरलेन सड़क पर नूरपुर क्षेत्र के कंडवाल से बोड़ तक मात्र 10 किलोमीटर के भाग पर 4 स्थानों पर फोरलेन सड़क अभी कच्ची होने के कारण वरसात के सीजन में यातायात के लिए खतरा बनी हुई है। प्रवेश द्वार स्थल कंडवाल, नागावाड़ी, छतरौली, जसूर, व बोड़ में सड़क के कुछ भाग कच्चे है तथा वर्षा होने पर यहां दलदली स्थिति अथवा पानी का जमाव यातायात के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। वता दे की सड़क के इस 10 किलोमीटर भाग पर यातायात का अत्यधिक दवाब है। इस समस्त भाग पर सड़क किनारे नालियाँ अभी आधी अधूरी है। उधर फोरलेन पर खाज्जियाँ, जोंटा, भेड़खड़, सिहुंनी इत्यादि क्षेत्र में सड़क क़ो चौड़ा करते समय ऊँचे भागों की की गयी भारी कटाई के कारण अनेक मकान खतरे का सामना कर रहे है। कई जगह डंगे लगाने का काम अभी आधा अधूरा है। कई भवन असुरक्षित श्रेणी में है तथा वरसात के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना कर सकते है। कंडवाल, जसूर, बोड़ तक फोरलेन सड़क 80% तैयार, पर पानी की निकासी पर सवालिया निशान कंडवाल से बोड़ के बीच पक्का -टियाला, नागावाड़ी, छतरौली, राजा का वाग, जसूर जैसे प्रमुख स्थल है। इनमे नामात्र स्थानों पर ही वरसात के पानी की समुचित पानी की व्यवस्था है। अधिकांश स्थानों पर पानी के निकास पर प्रश्न चिन्ह है। वता दे की गत वरसात में भी राजा का बाग में नाले का पानी गांव की बस्ती में प्रवेश कर गया था। उधर प्रमुख जनक्शन तथा थोक करोवार वाले जसूर में यद्यपि ड्रेनेज़ सिस्टम बना हुआ है लेकिन सड़क के पानी का इसमें निकास सही प्रकार से नहीं हो पा रहा। उधर दोनों राज्यों क़ो जोड़ने वाले चक्की पुल पर भी रेत व मिट्टी का भारी जमाव है तथा निकासी में वाधा के कारण सारे पुल पर पानी तालाब का रूप धारण कर जाता है। इस संदर्भ में एसडीएम अरुण शर्मा से बात की गयी तो उन्होंने बताया की सड़कों में पानी की निकासी का मामला प्रशासन के संज्ञान में है। इस बारे संबंधित फोरलेन कंपनी व सड़क प्राधिकरण क़ो 20 जून तक पानी की निकासी क़ो समुचित रूप से सुचारु करने वारे दिशा निर्देश दे दिए गए है।

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