संघर्ष से सम्मान तक : एसपी खुशबीर कौर की प्रेरणादायक कहानी
संघर्ष से सम्मान तक : एसपी खुशबीर कौर की प्रेरणादायक कहानी गरीबी, मुश्किलों और हालातों से लड़कर ओलंपियन बनीं, मां के हौसले ने बेटी को दिया आसमान बटाल : अविनाश शर्मा / ज़िंदगी हर किसी को मौके नहीं देती, कई बार वह इंसान को परखती है। लेकिन जो इन परीक्षाओं में डटकर खड़ा रहता है, वही इतिहास रचता है। एसपी खुशबीर कौर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है—संघर्ष, साहस और अटूट विश्वास की मिसाल। अमृतसर जिले के छोटे से गांव रसूलपुर (निका) में जन्मी खुशबीर कौर की जिंदगी ने बचपन में ही करवट ले ली थी। महज 6 साल की उम्र में पिता का साया सिर से उठ गया। घर में तीन बेटियां और मां—जिम्मेदारियों का पहाड़, लेकिन मां जसबीर कौर ने हार नहीं मानी। गाय पालकर, कपड़े सिलकर उन्होंने घर चलाया और बेटियों को सपने देखने की ताकत दी। कच्चे घर की उस मिट्टी में पली खुशबीर ने कभी हालातों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। छोटी उम्र में ही खेलों के प्रति उनका रुझान साफ दिखाई देने लगा। जिला स्तर पर उनकी प्रतिभा ने कोचों का ध्यान खींचा और यहीं से उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ी। एक समय ऐसा भी था जब जूनियर नेशनल में भाग लेने ...