नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास, 61 सफल रोबोटिक सर्जरियों से स्वास्थ्य सेवाओं में नई मिसाल
नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने रचा इतिहास, 61 सफल रोबोटिक सर्जरियों से स्वास्थ्य सेवाओं में नई मिसाल
नेरचौक : अजय सूर्या /
लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एसएलबीएसजीएमसीएच), नेरचौक ने रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में नया अध्याय जोड़ दिया है। संस्थान में अब तक कुल 61 रोबोटिक सहायता प्राप्त सर्जरियां सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं, जिससे मरीजों को अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव उपचार की सुविधा मिल रही है।
जनवरी 2026 में लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल में दा विंची Xi (चौथी पीढ़ी) रोबोटिक सर्जिकल प्रणाली स्थापित की गई थी। इसके बाद जनरल सर्जरी तथा प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग के विशेषज्ञों को सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण, वेट-लैब प्रशिक्षण तथा यशोदा अस्पताल, गाजियाबाद और फोर्टिस अस्पताल, मोहाली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
रोबोटिक सर्जरी सुविधा का औपचारिक शुभारंभ 6 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया था। उद्घाटन के दिन ही विशेषज्ञों की निगरानी में तीन सफल रोबोटिक सर्जरियां की गईं।
इसके बाद 23 मार्च 2026 से जनरल सर्जरी विभाग ने नियमित रोबोटिक सर्जरी शुरू की, जबकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मई 2026 से प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग ने भी यह सेवा आरंभ कर दी। वर्तमान में जनरल सर्जरी विभाग सप्ताह में तीन दिन और स्त्रीरोग विभाग सप्ताह में दो दिन रोबोटिक सर्जरी कर रहा है।
संस्थान में अब तक हुई 61 रोबोटिक सर्जरियों में 51 जनरल सर्जरी विभाग तथा 10 प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग द्वारा की गई हैं। जनरल सर्जरी विभाग ने पित्ताशय (कोलेसिस्टेक्टॉमी) और हर्निया रिपेयर जैसी सामान्य सर्जरियों के अलावा अपेंडिक्स के न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के लिए राइट हेमीकोलेक्टॉमी तथा मलाशय के कैंसर के लिए टोटल मेसोरेक्टल एक्सिशन सहित लो एंटीरियर रिसेक्शन जैसी जटिल ऑन्कोलॉजिकल सर्जरियां भी सफलतापूर्वक संपन्न की हैं।
वहीं, प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग ने अब तक 10 रोबोटिक हिस्टेरेक्टॉमी की हैं। इनमें गर्भाशय में फाइब्रॉइड के सात, असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव (AUB) के तीन मामलों के साथ-साथ अंडाशय की सिस्ट का एक सफल रोबोटिक ऑपरेशन भी शामिल है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस कार्यक्रम की सफलता सर्जनों, एनेस्थीसियोलॉजिस्टों, ऑपरेशन थिएटर तकनीशियनों, नर्सिंग अधिकारियों और अन्य सहयोगी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। संस्थान ने इस उपलब्धि के लिए प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार, पूर्व प्रिंसिपल डॉ. डी. के. वर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रत्ती राम नेगी तथा अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्री संजीव कुमार के मार्गदर्शन और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है।
संस्थान का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को अधिक सटीक ऑपरेशन, कम रक्तस्राव, कम दर्द, अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहने और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ जैसे महत्वपूर्ण फायदे मिल रहे हैं। भविष्य में इस अत्याधुनिक सुविधा का और विस्तार कर प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में संस्थान लगातार कार्य करता रहेगा।

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