सिया हत्याकांड का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की उठी मांग
सिया हत्याकांड का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की उठी मांग
एसडीएम सरकाघाट के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को भेजा ज्ञापन, परिवार को आर्थिक सहायता व नौकरी देने की भी मांग
सरकाघाट : अजय सूर्या /
गोपालपुर क्षेत्र के नैण गांव की कॉलेज छात्रा सिया गुलेरिया की 13 अप्रैल को हुई निर्मम हत्या के लगभग 70 दिन बाद मामले की पुलिस जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। अब स्थानीय संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और परिजनों ने इस मामले का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने तथा शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
सोमवार को सरकाघाट में विभिन्न सामाजिक संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने एकत्र होकर एसडीएम राजेंद्र गौतम के माध्यम से मुख्यमंत्री तथा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सिया न्याय एवं यादगार मंच के संयोजक एडवोकेट सुरेश शर्मा, सह-संयोजक नंद लाल राव, पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने किया। इस दौरान दिवंगत सिया के पिता जोगिंदर गुलेरिया, बहन प्रिया और मृदुल भी मौजूद रहे।
सिया न्याय एवं यादगार मंच के संयोजक सुरेश शर्मा, नंद लाल राव और भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 4 मई को भी मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को मांगपत्र भेजा गया था, जिसमें पुलिस से शीघ्र चालान पेश करने की मांग की गई थी। अब चालान कोर्ट में प्रस्तुत हो चुका है, इसलिए अगली प्रमुख मांग है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो तथा ट्रायल सरकाघाट न्यायालय में ही संचालित किया जाए।
ज्ञापन में पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने, सिया की दो बहनों को सरकारी नौकरी देने तथा क्षेत्र में बढ़ते चिट्टे और अन्य अवैध नशे पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग की गई। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों में एंटी-ड्रग्स कमेटियों के गठन तथा नियमित जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
एसएफआई के प्रतिनिधि ऋत्विक कुमार ने बताया कि संगठन ने सिया की स्मृति में गोपालपुर-नैण लिंक रोड चौक पर प्रतिमा स्थापित करने तथा स्थानीय कॉलेज और स्कूल में पुस्तकालय स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने के भीतर प्रतिमा का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
एसडीएम राजेंद्र गौतम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही 30 जून को गोपालपुर में नशा उन्मूलन, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर एक जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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