कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति का ज्वालामुखी रोड स्टेशन पर प्रदर्शन, सभी सात ट्रेनें बहाल करने की मांग

कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति का ज्वालामुखी रोड स्टेशन पर प्रदर्शन, सभी सात ट्रेनें बहाल करने की मांग


कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री पी. सी. विश्वकर्मा के नेतृत्व में आज रेलवे स्टेशन ज्वालामुखी रोड पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया तथा स्टेशन मास्टर के माध्यम से रेलवे महाप्रबंधक, बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली को ज्ञापन प्रेषित किया गया।


संघर्ष समिति ने कांगड़ा घाटी रेलवे की पूर्व में संचालित सभी सात ट्रेनों को तत्काल बहाल करने की मांग उठाई। समिति के पदाधिकारियों ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि वर्तमान में केवल दो ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पठानकोट जाने वाली ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ होने के कारण यात्रियों को धक्का-मुक्की और जोखिम भरी परिस्थितियों में यात्रा करनी पड़ रही है। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों तथा दैनिक यात्रियों को विशेष रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो किसी भी समय कोई गंभीर दुर्घटना या अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शेष पांच ट्रेनों को शीघ्र बहाल किया जाना चाहिए।


समिति ने रेलवे प्रशासन द्वारा प्रत्येक शुक्रवार को मेंटेनेंस के नाम पर सभी ट्रेनों को बंद रखने के निर्णय का भी विरोध किया। समिति का कहना है कि रखरखाव कार्य आवश्यक है, लेकिन इसके लिए पूरे दिन रेल सेवाएं बंद करना यात्रियों के हित में नहीं है। संघर्ष समिति ने मांग की कि ट्रेनों का संचालन पूर्व की भांति नियमित रूप से जारी रखा जाए तथा कांगड़ा घाटी रेलवे की पुरानी समय-सारिणी को बहाल किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और पर्यटकों को सुविधा मिल सके।


पदाधिकारियों ने कहा कि संघर्ष समिति लंबे समय से सांसदों, हिमाचल प्रदेश सरकार तथा केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांगें शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से रख रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे क्षेत्र की जनता में निराशा और रोष बढ़ रहा है।


समिति ने स्पष्ट किया कि यदि जनता की इन जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी चरण में जसूर स्थित कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद कार्यालय का घेराव एवं व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।


संघर्ष समिति ने कहा कि कांगड़ा घाटी रेलवे केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर और हजारों लोगों की जीवनरेखा है। इसकी सभी ट्रेन सेवाओं की बहाली तथा पुरानी समय-सारिणी की पुनर्स्थापना समय की मांग है। क्षेत्र की जनता अब और अधिक इंतजार करने को तैयार नहीं है तथा अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।


जारीकर्ता:

कांगड़ा घाटी रेलवे संघर्ष समिति

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग

भारी बारिश के बीच हिमाचल में उच्च शिक्षा संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर