चम्बा के ऐतिहासिक चौगान न पांच में ईद-उल-अज़हा की रौनक, भाईचारे और कुर्बानी का संदेश
चम्बा के ऐतिहासिक चौगान न पांच में ईद-उल-अज़हा की रौनक, भाईचारे और कुर्बानी का संदेश
चम्बा : जितेन्द्र खन्ना /
पूरे देश के साथ-साथ जिला चम्बा में भी ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद का पर्व श्रद्धा, उल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। चम्बा के ऐतिहासिक चौगान नंबर पांच में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ ईद की नमाज अदा कर अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी।
सुबह से ही ईदगाह और नमाज स्थल पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। छोटे-छोटे बच्चे नई-नई पोशाकों में बेहद उत्साहित नजर आए, वहीं युवाओं और बुजुर्गों ने भी पूरे उत्साह के साथ नमाज में भाग लिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया।
ईद-उल-अज़हा को कुर्बानी के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है। यह पर्व त्याग, समर्पण और इंसानियत की भावना का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुर्बानी देकर समाज में जरूरतमंदों के साथ खुशियां बांटने और मानवता की सेवा का संदेश दिया जाता है।
चम्बा के ऐतिहासिक चौगान में मनाई गई ईद ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द, प्रेम और एकता की मिसाल पेश की, जहां लोगों ने मिल-जुलकर इस पवित्र पर्व की खुशियां साझा कीं।

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