कांग्रेस सरकार जनादेश को कुचलने और चुनाव प्रभावित करने का प्रयास कर रही है : जयराम ठाकुर

 कांग्रेस सरकार जनादेश को कुचलने और चुनाव प्रभावित करने का प्रयास कर रही है : जयराम ठाकुर

आचार संहिता उल्लंघन और नियमों में बदलाव कर लोकतंत्र को कमजोर कर रही प्रदेश सरकार : जयराम ठाकुर




हार के डर से चुने हुए प्रतिनिधियों पर दबाव बना रही कांग्रेस सरकार : जयराम ठाकुर

शिमला : गायत्री गर्ग /

 नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जो लोकतंत्र की मूल इकाइयों को कमजोर करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला होते हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार इन चुनावों को प्रभावित करने और जनादेश को कुचलने का प्रयास कर रही है।

राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले पंचायत चुनावों को टालने के अनेक प्रयास किए, लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उन्हें असफलता मिली। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में जो चुनाव हो रहे हैं, वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और फैसलों के कारण संभव हो पाए हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं चुनावी सभाओं में जाकर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को जिताने पर विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये देने की घोषणाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहीं ₹50 लाख तो कहीं ₹1 करोड़ तक की घोषणाएं की गईं, जो सीधे तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को भारी जनसमर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि 25 में से 18 नगर परिषदों तथा 22 में से 12 नगर पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अब इस जनादेश को प्रभावित करने के लिए नियमों में बदलाव कर रही है।

उन्होंने कहा कि पहले नगर परिषद और नगर पंचायतों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्धारित समय सीमा और सात दिन के नोटिस का प्रावधान था, लेकिन सरकार ने उसमें संशोधन कर अधिकारियों को असीमित अधिकार दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब चुनाव एक महीने, दो महीने या छह महीने तक भी टाले जा सकते हैं, जिससे बड़े स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग और चुने हुए जनप्रतिनिधियों को प्रभावित करने की संभावना बढ़ जाएगी।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को विजिलेंस मामलों और तबादलों की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन जनप्रतिनिधियों के परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी में हैं, उन्हें भी दबाव में लाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे कांग्रेस का समर्थन करें। यह लोकतांत्रिक जनादेश का खुला अपमान है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक कर कई फैसले लिए और उनकी जानकारी मीडिया में दी गई। महिलाओं को ₹1500 देने की घोषणा, विभिन्न वर्गों के मानदेय बढ़ाने जैसे फैसले चुनाव के दौरान लेना भी आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को ये फैसले लेने ही थे तो चुनाव से पहले या बाद में भी लिए जा सकते थे ।

जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी विषयों को गंभीरता से महामहिम राज्यपाल के समक्ष रखा है और आग्रह किया है कि लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक प्रक्रियाओं की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के जनादेश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी है।

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